ढोलबज्जा: जिन शिक्षकों के कंधे पर बच्चों के जिंदगी का जिम्मा सौंपा हो यदि वहीं ना हो तो ऐसे में भला कैसे होगी बच्चों की पढ़ाई व शिक्षा की विकास. इस क्षेत्र में सरकार जितने पैसे पानी की तरह बहा रहे हैं उसमें कुछ शिक्षक सिर्फ गोते लगाना हीं शिक्षा की उपयोगिता समझते हैं. ऐसी ही है नवगछिया प्रखंड के कोसी पार, खैरपुर कदवा की एक प्रावि बिन्दटोली कदवा.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जहां गुरुवार के दिन पहली से पांचवीं कक्षा तक की अर्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा सिर्फ एक शिक्षक दिनकर सर के द्वारा ली जा रही थी. उनसे अन्य शिक्षकों के बारे में पूछे जाने पर बताया कि यहां कुल पांच शिक्षकों की जगह दो हीं शिक्षक कार्यरत हैं. जिसमें भारती कुमारी करीब डेढ़ साल से मातृअवकाश में थी.

वे फिर से दो महीने पहले ज्वाईन कर चुकी है. जब उन्हें विद्यालय आने बोले जाते हैं तो वह तरह-तरह के बिमारी का बहाना बनाकर अनुपस्थित रहती है. उक्त बातों को लेकर, जब नवगछिया बीईईओ दिनेश प्रसाद से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि भारती कुमारी को बार-बार कहे जाने के बाद भी विद्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण उसकी वेतन रोक दी गई है. शिक्षकों की कमी को लेकर, कोई लिखित आवेदन नहीं मिले हैं. आवेदन मिलने के बाद विभागीय कार्यवाही कर, वहां जल्द शिक्षक दे दी जायेगी.
