नवगछिया : रंगरा प्रखंड में कटाव निरोधी कार्य धीरे-धीरे कटकर कोसी नदी में समा रहा है। जहांगीरपुर बैसी के पास कोसी नदी का भीषण कटाव हो रहा है। इसमें कटाव निरोधी कार्य का लगभग 60 मीटर से अधिक हिस्सा कटकर कोसी नदी में समा गया। तीन लाइन में कोसी नदी का कटाव हो रहा है। वहीं इस कटाव से ग्रामीण सहमे हुए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!3 करोड़ 40 लाख किया गया खर्च
आपको बता दें की कोसी नदी के कटाव को रोकने के लिए इस वर्ष 3 करोड़ 40 लाख की लागत से कटाव निरोधी कार्य शुरू हुआ था। कटाव के दोनों तरफ डेढ़ सौ मीटर में जिओ बैग का काम हुआ है। बैसी में भीषण कटाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग उसे रिस्टोर करने की कोशिश तो करता है, लेकिन 24 घंटे के अंदर रिस्टोर करने का कार्य भी पानी में बह रहा है।

वही ग्रामीणों का मानना है कि कोसी में कटाव निरोधी कार्य ऊंट के मुंह में जीरा के समान हो रहा है। इससे कोसी का कटाव नहीं रुक रहा है।आपको बता दें कि पिछले वर्ष भी जहांगीरपुर बैसी में कोसी नदी के कटाव ने भारी तबाही मचाई थी। कटाव के कारण 200 से अधिक परिवार का कच्चा पक्का मकान कटकर कोसी नदी में विलीन हो गया था। जल संसाधन विभाग की तरफ से कराए गए फ्लड फाइटिंग कार्य भी गांव को कटने से नहीं बचा पाई।
पिछले वर्ष कटाव को देखते हुए तीन करोड़ 40 लाख रुपए कटाव निरोधी कार्य के लिए स्वीकृत किया गया था। लेकिन कटाव निरोधी कार्य में घोर अनियमितता बरती गई। इसके कारण कोसी नदी के हल्के दबाव को भी कटाव निरोधी कार्य नहीं झेल पाया और कई घर कटकर कोसी नदी में विलीन हो गया था।वहीं कार्यपालक अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि जहांगीरपुरी वैसी में कोसी का सीधा कटाव चल रहा है। जिसमें किया हुआ काम का हिस्सा कभी-कभी कटकर नदी में बह जाता है। जिसे लगातार रिस्टोर करने का प्रयास किया जा रहा है।

