खरीक | धूप चिलचिलाती धूप में खेत में काम करने के दौरान एक मजदूर अचानक बेहोश होकर गिर गया। किसान मजदूर को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मरने वाले मजदूर की मौत मारड़डीह गांव निवासी उपेंद्र मांझी उर्फ उपेंद्र ऋषिदेव के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही समाजसेवी चंदन यादव मृतक के घर पहुंचे और इसकी सूचना खरीक सीओ और थानाध्यक्ष को दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसके बाद थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर नरेश कुमार मृतक के घर पहुंचे और शव का पोस्टमार्टम नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में कराने के बाद परिजनों सौंप दिया। मृतक की पत्नी बबीता देवी ने इस मामले में थाना में यूडी केस दर्ज कराया है। पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि पति बुधवार को कठेला गांव में मजदूरी करने गए थे। वहां वे किसान के खेत में कुदाल चला रहे थे।
इसी दौरान वे बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। खेत के मालिक विपिन चौधरी के सहयोग से पति को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद रात में घर आए। लेकिन देर रात उनकी मौत हो गई। इस घटना में किसी का कोई दोष नहीं है। उपेंद्र परिवार में इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत के बाद पत्नी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।














