साईं को पाएंगे वो प्राणी, जिनकी नीयत नेक है, सबका मालिक एक है…, सांसों की माला पे सिंमरू में साईंराम, साईं को जपते-जपते बीते सुबह व शाम…, जग घूमे आज थारे जैसा ना कोई साईंराम…सांई मुझको भी अपना बना ले, नशीब मेरे जग जाएंगे…आदि भजनों की प्रस्तुति जब कोलकाता की नेहा सिंह, चंदन सिंह, भागलपुर की नेहा चंचल ने प्रस्तुत किया। मौका था जन्माष्टमी पर संकट मोचन दरबार साईंनाथ बाबा का जागरण का।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नेहा सिंह ने जब साईं को पाएंगे…भजन का शुभारंभ किया तो तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया। चंदन सिंह ने साईं मुझको भी…सुनाया। नेहा चंचल ने सांसों की माला..साईंनाथ तेरे हजारों हाथ, साईंराम साईंराम साईं के भगवान सिरडी के दाता सबसे महान आदि एक से एक भजन गाकर दर्शकों से जबर्दस्त तालियां बटोरी।


राजू शर्मा ने जब मेरे पर संकट होता है, मेरे दरवाजे पर हनुमान का पहरा रहता है की प्रस्तुति दी। पौड पर हीरा मिश्रा, ढोलक पर मनोज मसीना, हेंडसेनिक प्रशांत मिश्रा, कीबोर्ड पर अजीत सिंह, बेंजो पर बादल ने संगत किया। इस मौके पर साईं भक्त सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप यादव, सचिव अरुण गुप्ता, आशा गुप्ता, सोनी भारती, व्यवस्थापक पंडित दिनेश चन्द्र झा, विनय पाण्डेय, विष्णु अग्रवाल, विमला देवी, सर्वेश कुमार सिंह, रोहित कुमार सहित हजारों लोग उपस्थित थे।
