चाेरहर में काेसी का कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार काे 150 मीटर के दायरे में बागजान तटबंध का तीन हिस्सा नदी में समा गया। जल संसाधान द्वारा कराये जा रहे कटावराेधी काम नाकाफी साबित हो रहा है। इससे आसपास के गांवों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कटाव का यही रफ्तार रहा तो तटवर्ती इलाके के दर्जनों गांव नदी में विलीन हो जाएंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वहीं सिंहकुंड में कोसी नदी के तेज कटाव की भेंट चढ़कर सुभाष सिंह, गोपाल सिंह, संतोष कुमार व जवाहर सिंह के घर का आधा हिस्सा नदी में समा गया। यहां कई लोगों के घर कटाव के मुहाने पर हैं। लोग कटाव के भय से रतजगा कर रहे हैं। शुक्रवार को भी कई परिवार खुद से अपना आशियाना उजाड़कर सुरक्षित स्थल की ओर पलायन कर गये। बता दें कि यहां अबतक दस लोगों का घर कोसी की गोद में समा चुका है। जिला पार्षद गौरव राय ने कटाव निरोधी कार्य में तेजी लाने व मजदूरों की संख्या में बढ़ाने की मांग की है।


किसानों की उपजाऊ जमीन को लील रही है कोसी
बिहपुर प्रखंड के कोसी पार कहारपुर में भी कटाव रुकने का नाम नहीं ले रहा है। किसानों की उपजाऊ जमीन कोसी के गर्भ में समा रहा है। कटाव देख ग्रामीण भयभीत हैं। हर रोज घर, खेत कटाव की भेंट चढ़ रहा है। यहां अब तक दर्जनों घर कोसी में समा चुका हैं। लोग सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने बताया कि हर साल जमा पूंजी लगा कर घर बनाते हैं और बाढ़ आते ही हमारा आशियाना उजड़ जाता है।इससे हमारी आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो गई है।

ग्रामीण बोले – अगर कटाव का यही रफ्तार रहा तो तटवर्ती इलाके के दर्जनों गांव का अस्तित्व मिट जाएगा सिंहकुंड में कोसी तट पर बसे चार परिवारों के घर का आधा हिस्सा नदी के आगोश में समा गया, किसी तरह जान बचाकर भागे खरीक प्रखंड के सिंहकुंड में शुक्रवार को भीषण कटाव शुरू हो गया। कई परिवार खुद से अपना आशियाना उजाड़कर सुरक्षित जगह पर पलायन कर गए लोगों ने कटावरोधी कार्य में तेजी लाने के लिए प्रशासन से लगाई गुहार पीड़ित बोले, गंगा के दक्षिणी छोर से जहाजों को चलवाए
