नवगछिया। नवगछिया टोल प्लाजा पर दुर्घटना के बाद तत्काल कोई व्यवस्था नहीं रहने से कई बार घायलों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। टोल पर एम्बुलेंस तो है लेकिन उसे अस्पताल पहुंचाने में काफी समय लगने के कारण घायल की कभी कभी जान पर बन आती है। पेट्रोलिंग पार्टी भी वहां नहीं के बराबर रहती है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना की सूचना के बाद पेट्रोलिंग पार्टी के वहां पहुंचने में समय लग जाता है जिससे कभी-कभी घायलों के लिए यह परेशानी का कारण बन जाता है। वहीं टोल प्लाजा के दुर्घटना होने की स्थिति में तत्काल घायलों को कोई सहायता नहीं मिल पाती है।

बाराबंकी बस हादसे के बाद एनएचएआई की आंख खुली। नवगछिया टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए एनएचएआई जोर शोर से लग गयी है। टोल प्लाजा पर चौबीसों घंटे एंबुलेंस और क्रेन को तैयार रखा गया है। वहीं प्राथमिक उपचार के लिए टोल प्लाजा पर पारा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। कुल आठ महिला पुरुष टायलेट बनाए गये हैं। पीने के पानी के लिए आरओ लगाया गया है। टोल प्लाजा पर स्पीडोमीटर की व्यवस्था नहीं है। नेशनल हाइवे पर दुर्घटना के बाद जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बनाया जा रहा है। टोल प्लाजा पर नवगछिया पुलिस की पेट्रोलिंग भी बढ़ गयी है।
