डीएम के आदेश पर गुरुवार को अनुमंडल के कई पंचायतों में अफसरों ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न विकास योजनाओं की जांच की। इस दौरान लगभग हर पंचायतों में अफसरों को गड़बड़ी मिली। संबंधित अफसरों ने कहा कि इन योजनाओं में लूट मची है। जांच रिपोर्ट वे डीएम को सौंपेंगे। सबसे अधिक गड़बड़ी गोपालपुर प्रखंड के कमलाकुंड पंचायत में मिली।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यहां जांच के दौरान लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विपिन कुमार राय ने भारी अनियमितता पाई। उन्होंने बताया कि पंचायत में 72 लाख रुपए खर्च करने के बाद भी योजनाएं अधूरी हैं। इससे स्पष्ट है कि योजना की राशि का बंदरबांट किया गया है। पीजीआरओ ने कहा कि सात निश्चय योजना में जेई संजीव कुमार की भूमिका संदिग्ध है। कार्य स्थल पर जेई द्वारा निगरानी भी नहीं की गई है।

पंचायत सचिव राजेंद्र कुमार को फटकार लगाते हुए कहा कि इतने सालों से आप नौकरी कर रहे हैं फिर भी काम सही तरीके से नहीं कर पाते। आपको पता भी नहीं लगा और पैसे की निकासी हो गई। अपनी मनमानी से काम करा रहे हैं सिर्फ सरकार की योजना की राशि का खुली लूट हो रहा है। उन्होंने योजना के सारे अभिलेख जब्त कर लिया है। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, कार्यक्रम पदाधिकारी कौशल राय भी मौजूद थे।
