नवगछिया। शहर के ह्रदय स्थल पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन गुरुवार को हवन और पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई दी। जिस गली से प्रतिमाएं गुजरीं, वहां भक्तिमय माहौल बन गया और जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विभिन्न पूजा समितियों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए बाजार वाली मां दुर्गा की प्रतिमा को गौशाला तालाब और स्टेशन वाली दुर्गा मैया को राजेंद्र कॉलोनी स्थित पोखर में विसर्जित किया। शाम के बाद शहर के अन्य पूजा समितियों की प्रतिमाएं भी मंदिरों से निकलकर विसर्जन के लिए रवाना हुईं। देर रात तक, लगभग 12 बजे तक, यह सिलसिला जारी रहा।
आयोजकों ने विसर्जन के लिए गुरुवार की रात को ही तालाब और पोखरों पर तैयारी पूरी कर ली थी। प्रतिमाओं के विदाई के समय पूजा पंडालों में महिलाओं ने खोईचा अर्पित किया और पारंपरिक विदाई गीत गाए। प्रतिमाओं के प्रस्थान के दौरान आयोजकों और श्रद्धालुओं के चेहरे पर भावुकता और मायूसी साफ झलक रही थी। मौके पर विश्व हिन्दुपरिषद के जिलाध्यक्ष प्रवीण भगत, डब्लू भगत, विजय भगत, शिवशंकर भगत, अनिमेष भगत, विकाश भगत और हर्ष मौजूद थे

