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प्रधानमंत्री मोदी जी की कुंडली के यह योग जो बड़ो बड़ो के होश उड़ा दे : नवगछिया डॉट कॉम

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नवगछिया: मोदी जी के बारे में कहना सूरज को दिया दिखाने के सामान है लेकिन कुछ ऐसी चीजे है जो इन्सान खुद पूर्व जन्म से लेकर आता है वो है भाग्य क्योकि आज कर्म से ज्यादा भाग्य मायने रखता है ये बाते कई बार सत्य भी हुई है अकबर और बीरवल को ही ले लीजिये आज बीरवल बहुत बड़ा ज्ञानी होने के बाबजूद राजा नहीं बन सका और अकबर के भाग्य में राजा बनना लिखा था तो राजा बना।

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ज्योतिषियों के अनुसार, मोदी की कुंडली में मंगल और चंद्र एक साथ होने से मजबूत लक्ष्मी योग बना है। साथ ही लग्नेश मंगल होने के कारण उन्हें जनता में लोकप्रियता मिली।

यह योग व्यक्ति को रातों-रात राजा बना देते हैं.

तो आप भी अपनी कुंडली में देखिये कि मोदी की कुंडली के जैसे योग बन रहे है कि नहीं!

1. सूर्य बुद्ध योग

कुंडली में जब सूर्य और बुध कहीं भी के साथ विराजमान हो जाते हैं तो ऐसा जातक दुनिया पर अपना परचम लहराता है. यदि यही योग अगर कुंडली के भाग्य के स्थान पर बन जाये तो समझो कि अब आप दुनिया पर राज करेंगे. मोदी जब प्रधानमन्त्री बने थे तो उनकी कुंडली का यह योग सबसे ज्यादा बलवान था.

2. गजकेसरी योग

गजकेसरी योग को जांचने के लिए आप पहले अपनी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति को देखो. तब उसके स्थान से अगर एक, चार, एवं सात पर अगर ब्रहस्पति है तो समझ लो कि आप राजा बनने वाले हैं. ये योग कुंडली के केंद्र स्थानों में होने चाहिए. इस तरह का व्यक्ति रातों-रत धनवान हो जाता है.

3. रुचक महापुरुष योग

अगर किसी व्यक्ति का मंगल ग्रह बहुत शुभ होता है तो उसको भगवान हनुमान जी का पूरा-पूरा आशीर्वाद प्राप्त होता है. कुंडली में अगर मंगल स्व-राशि या अपने घर में है या फिर उच्च राशि में है या कुंडली के केंद्र में है तो रुचक महापुरुष योग बनता है और यह योग व्यक्ति को अपार सफलता प्रदान करता है. जब मोदी चुनाव जीते थे तो यह योग उनकी कुंडली में था.

4. अमृत कीर्ति योग

यह योग तब बनता है जब जन्म पत्रिका में चन्द्रमा से दशम स्थान पर कोई शुभ ग्रह स्थित होता है. इस योग के साथ जन्म लेने वाला व्यक्ति अपने जीवन में धन, यश और कीर्ति हासिल करता है.

5. केंद्र त्रिकोण राज योग

मोदी जब दिल्ली की राजनीति पर कब्ज़ा कर रहे थे तो यही योग सबसे ज्यादा इनकी मदद कर रहा था. जब दो कुंडली के दो शक्तिशाली और शुभ ग्रह परस्पर एक दूसरे को देखते हैं या जब दो शुभ ग्रह एक ही राशि में होते हैं तब केंद्र त्रिकोण योग बनता है. अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में यह योग बन जाये तो उसको दुनिया की कोई ताकत, अपना परचम फैलाने से नहीं रोक सकती है.

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