नवगछिया : जाह्नवी चौक जय मंगल टोला परवत्ता में साहित्यविद गुलशन कुमार के नेतृत्व में हिंदी दिवस के अवसर पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर मंच संचालन कवि श्रवण बिहारी कर रहे थे और विशिष्ट अथिति के रूप में जदयू किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष पारसनाथ साहू थे. परिचर्चा में सर्वप्रथम साहित्यकार, कवि एवं मदन अहल्या महिला महाविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा छेदी साह के निधन पर कवियों और साहित्यकारों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावपूर्ण श्रधांजलि दी गयी और उनकी आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना भी किया गया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अवसर पर अंगिका भाषा में उपेंद्र शर्मा उर्फ कवि जी ने डा साह की याद में एक अंगिका गीत गाकर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को अनायास ही याद दिला दिया. सभा में गुलशन कुमार ने कहा कि हिंदी हमारे देश का गौरव है. आज हिंदी अपने स्वर्णिम दौर से गुजर रही है. सोसल मीडिया के माध्यम से आज हिंदी लेखन के प्रति लोग जागरूक हुए हैं. जरूरत है सरकारें इस पर ध्यान दें ताकि हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिल जाय.


इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार बैरिस्टर प्रसाद सिंह ने अपनी एक हिंदी कविता के माध्यम से लोगों को गौरव का एहसास करवा दिया. कवि श्रवण बिहारी ने अपने संबोधन के माध्यम से खूब तालियां बटोरने में कामयाब रहे. कवि विलक्षण विभूति ने वर्तमान में हावी होती अंग्रेजियत को देश की संस्कृति के लिए खतरा बताया.
इस अवसर पर सभी कवि व साहित्यकारों ने समूह स्वर में हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की मांग की है. इस अवसर पर गंगोत्री जागरण मंच के अध्यक्ष गुलशन कुमार, उपेंद्र शर्मा उर्फ कवि जी, कवि विलक्षण विभूति, दयानंद शर्मा, रेखा चौधरी, ब्यूटी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, पारसनाथ साहू, शशि कुमार, निवास मंडल, अनिल मंडल, मनोज कुमार आदि अन्य भी थे.
