हर साल माघ शुक्ल पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। बसंत पंचमी को वर्ष के श्रेष्ठ और सर्वाधिक शुभ मुहूर्तों में शामिल माना जाता है। इस दिन विवाह, गृह निर्माण, नए कार्यों की शुरुआत सहित अन्य सभी मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की आराधना करने से विद्या, विज्ञान, संगीत, कला और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इस वर्ष बसंत पंचमी की तिथि को लेकर लोगों में काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कोई 23 जनवरी तो कोई 24 जनवरी को बसंत पंचमी मना रहा है। ऐसे में पंचांग के अनुसार सही तिथि स्पष्ट हो गई है।

बसंत पंचमी 2026 की तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार माघ शुक्ल पंचमी तिथि 23 जनवरी की देर रात 02 बजकर 28 मिनट पर प्रारंभ होगी और 24 जनवरी की रात 01 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर इस वर्ष बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
शुभ पूजा मुहूर्त
बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त प्रातः 07:15 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक रहेगा।
बसंत पंचमी को लेकर शिक्षण संस्थानों, विद्यालयों और घरों में सरस्वती पूजा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
