एै दीदी, दीदी सुन ला, घर में मन नहीं लगता है तो माय-बाप का सेवा कीजिए। दीदी सुन ला भाय एैलो है। घर में टीवी देखने में मन नहीं लगता है तो माय-बाप का पैर दबाइए। फिर कभी मौका नहीं मिलेगा। किसी के प्रति कटुता मत रखिए। भाई समझिए। विशेष परिस्थति में घर से निकलना है। इतना दिन में जंग जीते हैं और कुछ दिन सब्र रखना है। एक भी योद्धा नहीं गंवाए हैं। सरकार के नियम व कानून का पालन कीजिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बबरगंज थाने के प्रशिक्षु दारोगा सिकंदर कुमार क्षेत्र में घूम-घूमकर लोगों से लॉकडाउन का पालन करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। अंगिका भाषा में जागरूकता का अंदाज लोगों को अपील कर रहा है। दारोगा ने कहा कि लोग सड़क पर कम चल रहे हैं लेकिन मोहल्ले की सड़कों पर लोग खड़े रहते हैं। इन्हीं लोगों को जागरूक किया जा रहा है। घर के बाहर बच्चे खेलते नजर आते हैं तो उनके अभिभावक को बुलाकर समझाया जा रहा है। किसी की लापरवाही से अगर एक व्यक्ति संक्रमित हो गया तो समाज में बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी।

दारोगा ने कहा कि मोहल्ले के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोग समझ भी रहे हैं। पुलिस गाड़ी देखकर लोग घर में चले जा रहे हैं। शाम में प्रचार के दौरान दारोगा सड़क किनारे और स्टेशन चौक के आसपास भूखे लोगों को रोज भोजन भी करा रहे हैं। बबरगंज थानेदार ने कहा कि प्रतिदिन शाम को पूड़ी, सब्जी, खीर या खिचड़ी चोखा 25 मार्च से अनवरत खिलाया जा रहा है।
