नवगछिया : नवरात्रा प्रारंभ होने के साथ तीसरे दिन प्रखंड के विभिन्न मातारानी के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की। रविवार को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप कुष्मांडा की पूजा की जाएगी। लत्तीपुर मातारानी मंदिर में देर शाम आरती में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वैसे तो हर जगह के मंदिर की अपनी एक अलग परंपरा होती है। प्रखंड अंतर्गत लत्तीपुर स्थित मातारानी का इतिहास 70 वर्ष से भी अधिक पुराना बताया जा रहा है। मंदिर की स्थापना लत्तीपुर रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने की थी, जो एक बंगाली समुदाय से थे।
मंदिर के सेवायत सह आचार्य गाजो यादव बताते हैं कि मातारानी के दरबार में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। मंदिर के पुजारी राजेश कुमार ठाकुर उर्फ झूनकु बाबा बताते हैं यहां कलश विसर्जन दसवीं को किया जाता है। यह जानकारी मेला अध्यक्ष हिटलर यादव ने दिया।

