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नवगछिया में खुद का घर बचाने के लिए ग्रामीण कर रहे हैं जदोजहद.. गंगा किनारे बनाने लगे बंडाल

नवगछिया में खुद का घर बचाने के लिए ग्रामीण जदोजहद कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन अब तक इस पर संज्ञान नहीं ले रही है। दरअसल आपको बता दें कि तिनटंगा ज्ञानिदास टोला में बीते दिनों गंगा का रौद्र रूप देखने को मिला था। कटाव भी काफी तेज हो रहा था। इस दौरान दर्जनों घर कट कर गंगा में समा गए हैं।

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ग्रामीणों ने कटाव रोकने के लिए साथ ही गाँव की तरफ प्रवाहित हो रही गंगा की तेज धारा को मोड़ने के लिए बंडाल बनाने का काम शुरू कर दिया है। ग्रामीण खुद से राशि इकट्ठा कर पांच लाख की लागत से बंडाल बनाने में जुटे हैं। बांस व टीन के सहारे बण्डाल बनाया जा रहा है। गांव के ही कुछ मजदूर व ग्रामीण मिलकर बंडाल बना रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा की धारा मोड़ने के लिए 2200 फिट तक बंडाल का निर्माण किया जा रहा है। इससे बालू का फैलाव गाँव की ओर होगा इसके बाद घर नहीं कट सकेंगे।

प्रशासन ने नहीं दिया कोई ध्यान

कई बार जिला प्रशासन को कटाव की स्थिति से अवगत कराया गया है। बाबजूद इसका कोई असर नहीं हुआ है। दर्जनों घर गंगा में कटकर समा गए। लोग सड़क पर आ गए। हाल की दिनों में कुछ लोगों को मुवाजा राशि भी दी गई। जिलाधिकारी से इस मामले में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है, एसडीएम इसको देख लेंगे।

गंगा के जद में कई गांव आए थे

आपको बता दें कि 2022 में जब गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो नवगछिया के ज्ञानिदास टोला और झललूदास टोला के कई पक्का मकान, खेतिहर जमीन कटकर गंगा में समा गए। जिला प्रशासन की ओर से कटाव रोधी कार्य नाकाफी साबित हुए थे। अब अगर फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो गाँव का अस्तित्व खत्म नहीं हो इसको लेकर ग्रामीण अब खुद एक हो गए हैं, और चंदा इकट्ठा कर बंडाल बना रहे हैं जिससे कटाव न हो सके।

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