कोसी नदी तट पर शुरू हुआ भीषण कटाव रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कटाव से लगातार किसानों की उपजाऊ जमीन व तटबंध के किनारे बसे लोगों का आशियाना कोसी गर्भ में समा रहा है। हालांकि सिंहकुंड में जल संसाधन विभाग की टीम कटाव रोधी कार्य में जुटी है, किन्तु तेज कटाव के सामने यह नाकाफी साबित हो रहा है। गुरुवार को लक्ष्मण साह के घर का आधा हिस्सा नदी के आगोश में समा गया। शेष बचा हिस्सा कभी भी नदी में समा सकता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वहीं गोपाल सिंह, सुभाष सिंह व जवाहर सिंह का घर कटाव के मुहाने पर आ चुका है। लोग अपने आशियाने को खुद उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब तक 10 से अधिक परिवार पलायन कर चुके हैं। इसके अलावा बालू टोला, लोकमानपुर, मैरचा, रतनपुरा समेत अन्य जगहों पर ही कटाव का कहर जारी है। दूसरी ओर चोरहर बागजान बांध पर स्टेट बोरिंग के पास भीषण कटाव शुरू हो गया है। विभाग द्वारा कराए जा रहे कटावरोधी कार्य भी अबतक कोई खास असरदार साबित नहीं हो रहा है। एक्सपर्ट की मानें तो अगर इस बीच तेज बारिश हुई तो तटबंध को बचाना मुश्किल हो जाएगा। वैसे कार्य करा रहे अफसरों का दावा है कि किसी भी कीमत पर तटबंध को ध्वस्त नहीं होने दिया जाएगा। वहीं बिहपुर के कहारपुर में भी कटाव का जहर जारी है। कटाव के भय से लोग यहां रतजगा कर रहे हैं। यहां अबतक सात घर कोसी के गर्भ में समा चुका है।

सिंहकुंड के 26 परिवारों को मिला प्लास्टिक सीट
गुरुवार को सिंहकुंड में कटाव पीड़ित व कटाव से प्रभावित कुल 26 परिवारों को अंचल कार्यालय द्वारा प्लास्टिक सीट दिया गया। शेष सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सूची तैयारी की जा रही है। सीआई ब्रजेश परैया ने बताया कि सभी परिवारों को पंचायत के जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्लास्टिक सीट दी गई। बता दें कि यहां अब तक कटाव से 10 घर कोसी में विलीन हो चुके हैं।
