नवगछिया: पिछले पांच वर्षों से मंगा नदी के तेज बाढ़ से प्रभावित दियारा दक्षिणी पंचायत के ग्रामीणों ने एक बैठक आयोजित की। यह सभा दुर्गा मंदिर के परिसर में आयोजित हुई, इस बैठक में पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। उन्होंने यह निर्णय लिया कि अगर कटाव को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पंचायत के मुखिया गणेश मंडल ने बताया कि उन्होंने स्थानीय सांसद अजय मंडल और विधायक गोपाल मंडल से गांव को बचाने की अपील की थी, लेकिन कोई भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। पूर्व जिला पार्षद और पूर्व मुखिया भोला मंडल ने चेतावनी दी कि अगर हालात इसी तरह बने रहे तो अगले दो वर्षों में दियारा दक्षिणी पंचायत का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि जब तक गांव के सामने बोल्डर बिंचिंग का कार्य नहीं किया जाएगा, तब तक कटाव नहीं रुकेगा।
करोड़ों खर्च के बावजूद कटाव थमा नहीं
ज्ञानी दाम टोला में गंगा का जल है। पिछले पांच वर्षों में सिंचाई विभाग ने इस पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। इस वर्ष 5.38 करोड़ रुपये की लागत से 200 मीटर लंबाई में कटाव रोकने का कार्य किया गया है, जिसका लक्ष्य 15 जून तक पूरा होना था।

पंचायत के मुखिया गणेश मंडल और पूर्व मुखिया भोला मंडल ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में जानी दास टोला के लगभग 400 घर कटाव के शिकार हुए हैं। इस बार लगभग 200 घर कटाव के मुहाने पर खड़े हैं।













