भागलपुर से मिर्जाचौकी के बीच जर्जर एनएच का मुद्दा पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचा। मंगलवार को सांसद बुलो मंडल प्रधानमंत्री से मिले और जर्जर एनएच के कारण लगनेवाले जाम और लोगों को होने वाली परेशानी से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भागलपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है, लेकिन सड़क खराब होने के कारण शहर की छवि बिगड़ रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!-प्रधानमंत्री ने सांसद से एनएच की हालत कैसे सुधरे, इसके उपाय के बारे में पूछा। फोरलेन से लेकर सड़क चौड़ीकरण पर बात हुई। इसके बाद पीएम ने कहा कि एनएच-80 फोरलेन बनेगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण पर बात कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। सांसद ने पीएम को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। इसमें कहा गया है कि एनएच की स्थिति जर्जर है। इस कारण रोज जाम लगते हैं। इसलिए इसे फोरलेन बनाकर जाम से निजात दिलाई जाए। यह सड़क बीते 15 वर्षों से जर्जर और क्षतिग्रस्त है।

-भागलपुर में सिल्क व्यापार, विक्रमशिला व अन्य धार्मिक पर्यटन स्थल है, लेकिन जाम के कारण आवागमन में असुविधा होती है। खराब सड़क के कारण आम जनजीवन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य विकास कार्यों पर इसका असर पड़ रहा है। इस एनएच पर अब तक सैकड़ों जीवन सहित जन-धन की भी क्षति हुई है।
रिपोर्ट के बाद भी एनएच-106 का बचा काम नहीं हुआ
सांसद ने एनएच-106 की बची 30 किमी सड़क निर्माण शीघ्र कराने की भी पीएम से मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि 12 दिसंबर 2014 को लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह बताया गया था कि कोसी नदी पर पुल के निर्माण के लिए आईआईटी रूड़की में चल रहे अध्ययन की रिपोर्ट आने के बाद काम शुरू किया जाएगा। रिपोर्ट विभाग को सौंप दी गई। इसके बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है। इस कारण वीरपुर से बिहपुर तक सड़क निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
15 किलोमीटर पैदल मार्च किया पर नहीं सुधरी स्थिति
ज्ञापन में कहा गया है कि बीते चार वर्षों से लोकसभा में इस मुद्दे को उठता रहा हूं। कई बार परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखकर और व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी एनएच की स्थिति से अवगत कराया गया। लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा सका है। इन तमाम परिस्थितियों में हाल में ही 15 किलोमीटर पैदल मार्च किया। फिर भी स्थिति नहीं सुधरी। उन्होंने पीएम से अनुरोध किया कि भागलपुर से मिर्जाचौकी तक एनएच को फोरलेन का निर्माण करने के लिए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय को निर्देश जारी किया जाए।
