इस महीने की 15 तारीख को पूरा राज्य थम सा जाने वाला है. जिसका खासा असर जनता के रोजमर्रा पर पड़ना निश्चित है. यह भी कहना गलत नहीं होगा कि लोग मज़बूरी में ही घरों से निकलना चाहेंगे. दरअसल, 15 नवंबर यानी बुधवार के दिन ट्रांसपोर्टर्स हड़ताल पर जा रहे हैं. यह हड़ताल व्यापक रूप लेने वाला है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सभी छोटे-बड़े वाहन चालकों ने चक्का जाम करने का निश्चय किया है. इस चक्का जाम का खासा प्रभाव जनता पर पड़ेगा. ख़ास कर दैनिक कार्य के लिए और ऑफिस जाने वालों के लिए लोगों की परेशानी बढ़ने वाली है.

आपको बता दें कि इस चक्का जाम का आह्वान भारत सरकार की ट्रांसपोर्टर्स पर बनाई गई कड़ी नीतियों के खिलाफ है. आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ने भारत सरकार के जनविरोधी एवं परिवहन उद्योग विरोधी नीतियों के विरोध में 15 नवंबर से अनिश्चितकाल तक के लिए हड़ताल पर जाने का निश्चय किया है. आपको बताते चलें कि इससे पूर्व भी जी.एस.टी. को लागू होने के बाद ट्रांसपोर्टरों की सबसे बड़ी संस्था ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने 9 तथा 10 अक्टूबर को पूरे देश में चक्का जाम किया था. जी.एस.टी. लागु होने से ट्रांसपोर्टर खासे नाराज हैं. उनके अनुसार नई जी.एस.टी. व्यवस्था ने उन पर टैक्स का बोझ बढ़ा दिया है.
