सकरात्मकता और नकरात्मकता दो ऐसी चीजें हैं, जिनसे जिंदगी सबसे ज्यादा प्रभावित होती है. आप पॉजिटिव सोचते हैं, तो जिंदगी की उलझनें कुछ कम लगने लगती है. साथ ही बड़ी से बड़ी चीजें भी आप पर हावी नहीं होती. वहीं नेगेटिव विचार आपकी जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित करते हैं.
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लंबे समय तक नेगेटिव बातें सोचते रहने से कई लोग डिप्रेशन और कई दूसरे मानसिक रोगों का शिकार हो जाते हैं. जिंदगी में पॉजिटिविटी लाने के लिए अक्सर लोग अपने घर में कोई चिह्न या प्रतीक रखते हैं, जैसे घर में समृद्धि लाने के लिए ‘लॉफिंग बुद्धा’ रखे जाते हैं. आइए, जानते हैं आखिर कौन हैं लॉफिंग बुद्धा.


बुद्ध के परम शिष्य बन गए ‘लॉफिंग बुद्धा’
महात्मा बुद्ध के कई शिष्यों में से एक थे जापान के होतेई. मान्यता के अनुसार होतेई बौद्ध बने और जैसे ही उन्हें आत्मज्ञान की प्राप्ति हुई तो वे जोर-जोर से हंसने लगे. इसके बाद उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य था लोगों को हंसाना और सुखी बनाना. होतेई जहां भी जाते वहां लोगों को हंसाते और लोग उनके साथ काफी खुश रहते थे.

इसी कारण जापान में लोग उन्हें हंसता हुआ बुद्धा यानी ‘लॉफिंग बुद्धा’ कहने लगे.धीरे-धीरे उनके फॉलोअर्स की संख्या बढ़ती गई, एक देश से दूसरे देश और अब पूरी दुनिया में उन्हें मानने वालों करोड़ों लोग हैं. चीन में इन्हें पुतई कहा जाता है.

घर में रखने से नहीं होता क्लेश
जैसे कि नाम से ही पता चलता है कि लॉफिंग बुद्धा घर में खुशहाली और सकरात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं. इनका हंसता हुआ चेहरा सामने रखने से घर में क्लेश नहीं होता और समृद्धि और खुशहाली आती है.
