नवगछिया : नवगछिया व्यवहार न्यायलय में उपद्रव, आगजनी और चोरी के मामले में घटना के बीस दिन बाद भी नवगछिया पुलिस यथा स्थिति पर है. पुलिस पदाधिकारियों से इस कांड के संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है तो दूसरी तरफ चर्चा में कई तरह की बातें सामने आ रही है. एक अधिवक्ता ने अपना नाम न छापने के शर्त पर बताया कि आगजनी में कुल 18 फाइल जला दिया गया था. जबकि अपराधियों का मकसद बस एक ही फाइल को जलाना था. अधिवक्ता ने बताया कि वह फाइल जमीन विवाद से सम्बंधित था. जिसमें वादी के पक्ष में निर्णय भी दे दिया गया था. चूकि यह जमीन विवाद का मामला करोड़ो का था.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यानी जिस जमीन पर विवाद था वह करोड़ो की जमीन थी. अधिवक्ता ने उक्त टाइटल सूट का नंबर भी बताया. बात स्पष्ट तौर पर कही गयी कि उक्त जमीन के दस्तावेज को नष्ट करने के लिये ही अपराधियों ने न्यायालय में उपद्रव, चोरी और आगजनी जैसे वारदात को अंजाम दिया. उपरोक्त बातें सच है या झूठ इस बात की पुष्टि न तो न्यायालय प्रशासन ने किया है और न ही पुलिस इस मामले में कुछ कह पाने की स्थिति में है. बहरहाल न्यायालय कांड के बाद चर्चाओं का बाजार अधिक गर्म रहा है.

इसका एक मात्र कारण इस कांड के बाद पुलिस की कार्यशैली है. पुलिस ने जिस गति से दूरसे दिन ही दो कथित अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया और इसके बाद लंबी चुप्पी साध ली. यही कारण है न्यायालय परिसर में चर्चाओं का बाज़र गरम है. जानकारी मिली है कि जलाए गए फाइलों की सूची न्यायालय प्रशासन द्वारा पुलिस को उपलब्ध करवा दिया गया है. लेकिन पुलिस ने इस बात की भी पुष्टि नहीं कि है. नवगछिया के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पुलिस जल्द ही न्यायालय कांड में संलिप्त सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लेगी.
