जीएसटी में व्यापारियों को बनना होगा इमानदार, जरूरत के सामान होंगे सस्ते

साक्षात्कार

नवगछिया  : परिषद द्वारा वस्तुओं पर टैक्स का दर तय करने के बाद नवगछिया के व्यापारियों और जानकारों में इसके प्रति अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को आई। अधिकतर व्यापारियों ने खुशी जाहिर की कि रोजमर्रा की चीजों के दाम नहीं बढ़ेंगे।

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वहीं चिंता जताई कि व्यापारियों पर कागजी काम का बोध बहुत अधिक बढ़ जाएगा। व्यापारियों को अपने कार्य और ग्राहकों के प्रति ज्यादा ईमानदार होना होगा।
भाजपा नेता प्रवीन भगत ने कहा कि जरूरत के सामान सस्ते होंगे। आशंका थी कि जीएसटी से महंगाई बढ़ेगी लेकिन ऐसा नहीं होगा। यह आम जनता के हित वाला है। बिहार उपभोग करने वाला प्रदेश है। इसलिए यहां जो भी सामान आएगा उसपर राज्य का कर बनेगा और सरकार को फायदा होगा।

रंजन केडिया ने कहा कि जो व्यवस्था आएगी उससे हमें जुड़ना हेागा। खुद को कंप्यूटर से काम करने के अनुसार तैयार करना होगा। इसमें पारदर्शिता बढ़ जाएगी। इसलिए कर चोरी या गड़बड़ी करने वाले व्यापारियों को ईमानदार होना होगा। नहीं तो वे इस व्यापार से बाहर हो जाएंगे।

राजेश  भगत ने बताया कि रोजमर्रा की चीजों के दाम तो नहीं बढ़ेंगे लेकिन पैकिंग वाले या प्रोसेसिंग किया हुआ सामान महंगा होगा। महिलाओं के श्रृंगार के सामान महंगे होंगे। लेकिन एक बात जरूर होगा कि अब व्यापारियों का कागजी कामकाज बढ़ जाएगा। अभी तक उन्हें साल में वाणिज्य कर के पांच रिटर्न भेजने होते थे अब कुल 37 रिटर्न भरने होंगे। इसमें व्यापारियों को लापरवाही भी नहीं करनी होगी अन्यथा परेशानी हो सकती है।