बिहार के इस जिले में मिला सोने का भंडार, अब बिहार निकलेगा सबसे आगे

पश्चिमी चंपारण जिले में उत्तम कोटी के स्वर्ण ‘प्लेसर गोल्ड’ का भंडार है। इस भंडार के साक्ष्य मिले हैं। जंगल और वन्य प्राणियों के लिए यह इलाका संरक्षित होने के कारण सर्वे करने में अड़चन आ रही है। इसे जल्द दूर किया जाएगा।

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया शीघ्र ही इस क्षेत्र में गहन सर्वेक्षण शुरू करेगा। चूंकि यह क्षेत्र वाल्मीकि नगर वन्य प्राणी आश्रयणी के अंतर्गत आता है, इसलिए वन एवं पर्यावरण विभाग से स्वीकृति आवश्यक है। भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण वन एवं पर्यावरण विभाग से इसकी अनुमति मांगेगा।

सूत्रों के अनुसार इसके पूर्व राज्य के चार अन्य स्थानों पर भी सोना के प्रारंभिक साक्ष्य पर सर्वेक्षण हुआ था। गया, मुंगेर, राजगीर में भी सोना होने की संभावना है। रोहतास के सेंदुवार में स्वर्ण कणों की जानकारी मिली है, लेकिन वाल्मीकि नगर में उत्तम कोटी के स्वर्ण के बड़े भंडार के साक्ष्य होने से भू वैज्ञानिक खासे उत्साहित हैं।

रोहतास में हीरा पाए जाने की संभावना है। यहां सर्वे का काम शुरू हो गया है। गया के इमामगंज प्रखंड में कीमती ‘प्लेटिनम’ के खनन के लिए जी-4 लेवल का सर्वे पूरा कर लिया गया है। यहां अब अगले स्तर जी-3 का अन्वेषण किया जाएगा।

खनन विभाग और राज्य भूतात्विक कार्यक्रम पर्षद की बैठक में दर्जनभर जिलों में विभिन्न खनिजों के सर्वे व अन्वेषण का निर्णय लिया गया है। जमुई में खनिज पदार्थ जीरकॉनियम, टंगस्टन, टीन, लीड, नीकेल और तांबा की संभावना के मद्देनजर सर्वे शुरू किया जाएगा। कैमूर में टाइटेनियम, नौहट्टा में पोटाश का भंडार है।

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