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नवगछिया : मनचलों की पत्थरबाजी का शिकार हो रही है राजधानी.. ट्रेन के यात्री दहशत में

नवगछिया।   सोनपुर रेल मंडल क्षेत्र के बरौनी-कटिहार रेलखंड पर हाल के कई दिनों में पत्थरबाजी की शिकार हो चुकी है राजधानी एक्सप्रेस। कटिहार से बरौनी के बीच राजधानी समेत कुछ ट्रेनों पर सात बार शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी की। इससे इस ट्रेन के यात्री दहशत में रहे।

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सोमवार को भी नवगछिया रेलवे स्टेशन के पहले बनिकपुर हॉल्ट के पास ऐसी घटना में राजधानी एक्सप्रेस की बोगियों के शीशे टूट गए। ट्रेन के बरौनी जंक्शन पहुंचने पर यात्रियों ने इस मामले की शिकायत की। बरौनी से सूचना मिलने पर नवगछिया आरपीएफ ने घटनास्थल मामले की जांच की और लोगों से बात की। अभी तो यही बात सामने आ रही है कि कुछ शरारती बच्चे इस ट्रेन पर पत्थर फेंक रहे हैं। इसी आधार पर इस पूरे रेलखंड पर रेल पुलिस और आरपीएफ ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। बुधवार को भी नवगछिया स्टेशन सहित अन्य स्टेशनों पर जागरूकता अभियान चलाया गया।

राजधानी सहित अन्य ट्रेनों पर पत्थरबाजी के की घटना की जांच कर रहे आरपीएफ के एक  वरीय पदाधिकारी ने बताया कि जांच में यह बात स्पष्ट हो गया है कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी सिर्फ शरारती तत्व कर रहे हैं। किसी की कोई नाराजगी अथवा कोई मांग नहीं है। पटरी के आसपास गांव देहात के लड़के खलते रहते है और राजधानी ट्रेन को देखकर दौड़ पड़ते हैं। इन्हीं में से कोई एक पत्थर चलाता है और उसको देखकर अन्य लड़के भी ऐसा करने लगते हैं। इसलिए सभी घटनास्थलों को चिह्नित कर वहां आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने आसपास के लोगों के अलावा युवाओं और बच्चों से भी बात की। अब तक यही बात सामने आयी है कि लड़कपन में कुछ बच्चे ऐसी हरकत कर रहे हैं। नवगछिया स्टेशन पर लगभग दो सप्ताह पूर्व पत्थरबाजी की घटना के बाद नवगछिया पहुचे बरौनी आरपीएफ के सहायक कमांडेंट सुशांत बर्धन ने बताया था कि पत्थरबाजी को लेकर नवगछिया आरपीएफ थाना में पांच मामले रेलवे एक्ट के तहत दर्ज हुए हैं। इसमें तीन मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के साथ घटना का उद्भेदन किया गया है। वही हाल की दो घटनाओं की जांच चल रही है।

क्या कहते है स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि

राजधानी ट्रेन पर लगातार हो रही पत्थरबाजी की घटनाओं पर जनप्रतिनिधियों  का कहना है कि यह  अज्ञानता और खेल-खेल में किया जा रहा है। नवगछिया नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रेमसागर ने कहा कि बाढ़ से विस्थापित लोग रेलवे के किनारे फूस का घर बनाकर रहते हैं। यहां के बच्चे दिनभर रेलवे लाइन के किनारे खेलते हैं, इसमें कुछ बड़े भी रहते हैं। वे राजधानी की लाल लाल बोगी को देखकर पत्थर चला देते हैं। इन इलाकों में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य राजेन्द्र यादव भी कहते है कि यह बचकाना हरकत है। बनिकपुर में जहां दो दिन पहले पत्थथरबाजी हुई वहा के निवासी और बनिकपुर रेलवे स्टेशन के लिए संघर्ष करनेवाले अधिवक्ता सुनील साह कहते है कि हॉल्ट के पास खेलने वाले लड़के शरारत में ऐसा करते हैं। सभी को समझाया गया है। आरपीएफ भी जागरूकता अभियान चला रही है। यहां के रहनेवाले वृद्ध समाजसेवी हरिहर पांडे कहते है कोई नाराजगी अथवा कोई मांग नहीं है यह  शरारत है।

ट्रेन पर पत्थरबाजी का मामला गम्भीर  है। इससे निपटने के लिए आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। कुछ गिरफ्तारी भी हुई है। इसके साथ-साथ इलाके में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
संजय भारती, एसआरपी कटिहार।

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