भागलपुर : नाबालिग से दुष्कर्म किया। उसे गर्भवती किया। नाबालिग ने बेटे को जन्म दिया। जब सवाल उठा तो नाबालिग ने दुष्कर्मी का नाम बताया और कहा कि बच्चा उसी का है। आरोपी ने उस बच्चे को अपना बेटा कहने से इंकार कर दिया। मामला जब इस तरह से उलझ गया तो कोर्ट ने डीएनए टेस्ट का आदेश दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गुरुवार को बच्चे, उस नाबालिग लड़की और आरोपी का डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया। मामला नवगछिया का है। आरोपी विशो मंडल जेल में है। पॉक्सो के विशेष जज लवकुश कुमार की अदालत के आदेश पर तीनों का सैंपल एकत्रित कर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया। डीएनए टेस्ट से साफ हो जाएगा कि बच्चा उस नाबालिग और आरोपी का है या नहीं।
पिछले साल घर गिरा तो बच्ची के घर जाता था सोने

पीड़िता के परिजन का कहना है कि पिछले साल दिवाली के समय आरोपी का घर गिर गया था। घर गिरने के बाद उसने पीड़िता के घर पर सोने की जगह देने का आग्रह किया। पीड़िता के परिजन की अनुमति मिलने पर आरोपी उसके घर कुछ दिनों तक सोने के लिए जाता रहा। पीड़िता ने अपने परिजन को बताया कि उसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और कुछ नहीं बोलने की धमकी दी।
इस साल जुलाई महीने में पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया और डर की वजह से उसे सड़क किनारे फेंक दिया। उस बच्चे को पास में ही रहने वाली एक महिला ने देखा और उसे उठाकर पालन-पोषण करने लगी। मामला जब सामने आया तो नाबालिग ने अपने परिजनों को बताया कि बच्चा विशो का ही है। नवगछिया महिला थाना में केस दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।


