खरीक प्रखंड के तुलसीपुर की रहने वाली मेडिकल छात्रा शालिनी प्रिया भी यूक्रेन में फंसी है। वह डेनिको मेडिकल यूनिवर्सिटी में फर्स्ट इयर की छात्रा है। शालिनी ने बताया कि यहां दहशत के बीच रह रही हूं। पूरी रात सो नहीं पा रही हूं। हाॅस्टल से बाहर निकलना तो दूर झांकने तक की हिम्मत नहीं हो रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शालिनी ने बताया कि हाॅस्टल में विभिन्न देशों के 350 छात्र-छात्राएं हैं। यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद मेस बंद हो चुका है। हमले के दो-तीन दिन पहले खाने-पीने का सामान खरीदे थे। वह भी अब खत्म हो गया है। उसने बताया कि खाने का सामान लाने के लिए हाॅस्टल का एक छात्र बाहर निकला तो उसे सैनिकों टाॅर्चर किया।
काफी देर बाद भारतीय होने का कई सबूत दिखाने के बाद उसे छोड़ा। इसके बाद कोई छात्र डर से बाहर नहीं जा रहे हैं। शालिनी ने बताया कि रूसी हमले के पहले दिन हॉस्टल के पास हवाईअड्डा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। सायरन की आवाज सुनने ही पूरे हाॅस्टल के छात्र दहल जाते हैं।

उसने कहा कि हॉस्टल के आसपास दो दिन से धमाका नहीं हुआ है। फिर हम डरे-सहमे हैं। स्वदेश लौटने के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया है, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली है।













