राज्य की नियोजन इकाइयां शिक्षा विभाग का आदेश नहीं मानतीं। विभाग है कि बिना अपने आदेश के कार्यान्वयन की जानकारी लिए अगला आदेश जारी कर रहा है। मामला पांचवें चरण के तहत नियुक्तियों का है। नियोजन इकाइयों की मनमानी का शिकार संगीत, नृत्य, ललितकला विषयों के माध्यमिक शिक्षक अभ्थर्थी हुए हैं। शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है और कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। .
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शिक्षा विभाग ने तीन जून को ही पांचवें चरण की शेष रह गयीं नियुक्तियों को पूरा करने के लिए दो साल बाद नियोजन शिड्यूल जारी किया। इनमें संगीत, नृत्य और ललित कला के शिक्षक अभ्यर्थियों को भी नियोजन पत्र मिलना था। पर पटना, नालंदा समेत 9 जिलों के कई नगर निगम और जिला परिषदों ने शिक्षा विभाग के नियोजन शिड्यूल पर कोई कार्रवाई ही नहीं की। गत 28 और 29 जून को नियुक्ति पत्र बांटने की विभागीय तिथि तय थी।

नियुक्ति पत्र का ये शिक्षक अभ्यर्थी इंतजार ही करते रहे और शिक्षा विभाग ने जून की समाप्ति के साथ ही पांचवें चरण के नियोजन कार्यक्रम को पूर्ण घोषित करते हुए छठे चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया। संगीत के अभ्यर्थी संतोष कुमार और नृत्य शिक्षक के अभ्यर्थी अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि करीब 9 जिलों की नियोजन इकाइयों ने विभाग के आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं की। उनकी सुस्ती से सैकड़ों नौजवानों का कैरियर दांव पर लग गया है। .
वर्ष 2015 में पहली बार शिक्षा विभाग ने संगीत, नृत्य और ललितकला के शिक्षकों की नियुक्ति की कार्रवाई शुरू की थी। इन शिक्षकों के जिलावार पद वितरित किये गये थे। ललित कला और नृत्य शिक्षकों के क्रमश: 686, 686, जबकि संगीत शिक्षकों के 2937 पदों पर बहाली आरंभ हुई थी।

पहले 2015, फिर 2016 और 2017 में तीन बार इनके नियोजन के लिए शिड्यूल जारी हुए, लेकिन नियोजन इकाइयों द्वारा ज्यादातर जिले में नियोजन कार्य पूर्ण नहीं किए गए। कोर्ट के आदेश से दो साल नियोजन बंद रहा और पिछले माह नया शिड्यूल आया, तब भी राजधानी में भी अभ्यर्थियों को इन विषयों में शिक्षक बनने का अवसर नहीं मिला।.
शिक्षा मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन .
संगीत, नृत्य और ललितकला के पटना, नालंदा तथा सीतामढ़ी के अभ्यर्थियों ने विभाग के प्रधान सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक और शिक्षा मंत्री से मिलकर गुहार लगायी है। अभ्यर्थियों के मुताबिक एक सप्ताह में मंत्री ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। .

