नवगछिया : रामचरित मानस की 50वीं स्वर्ण जयन्ती समारोह के दौरान, स्वामी विनोदानंद सरस्वती ने महत्वपूर्ण जीवन संदेश साझा किए। उन्होंने भाई की संपत्ति को लेकर बेटे से आगे बढ़ने की चेतावनी दी, यह बताते हुए कि विपत्ति में भाई का साथ अधिक महत्वपूर्ण होता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!स्वामी जी ने प्रयागराज की महिमा और श्रद्धा की आवश्यकता पर जोर दिया, यह बताते हुए कि लोग अपने पापों को धोने के लिए वहीं जाते हैं। उन्होंने भजनों के जरिए लोगों को भक्ति में डूबो दिया।
समारोह 7 अप्रैल तक जारी रहेगा, जिसमें 21 विद्वानों द्वारा नवाह पारायण किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए कई लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें अध्यक्ष दिनेश सर्राफ और सचिव शिव जायसवाल और प्रवीण भगत शामिल हैं।.














