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23 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग, एकादशी पर मनेगा मकर संक्रांति

इस बार दुर्लभ संयोग के साथ मकर संक्रांति पारंपरिक तिथि 14 जनवरी को मनाया जायेगा. 23 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जब एकादशी भी साथ होगा. मकर संक्रांति का पुण्यकाल सुबह 9:03 से संध्या 5:46 बजे तक रहेगा. इसी दिन सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर 3.07 बजे होगा. सूर्य दक्षियायण से उत्तरायण हो जायेंगे. इससे धीरे-धीरे सूर्य की रोशनी तीखी और दिन बड़ा होने लगेगा.

ज्योतिषाचार्य पंडित सुभाष पाण्डेय  ने बताया कि मकर संक्रांति को लेकर षटतिला एकादशी का संयोग बन रहा है. 23 साल बाद ऐसा अवसर आ रहा है. 14 जनवरी को भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा. ऐसे में मकर संक्रांति इसी दिन मनाया जायेगा. एकादशी व मकर संक्रांति का संयोग इससे पहले 2003 में बना था. काली मंदिर के पंडित राम जी मिश्र ने बताया कि मकर सक्रांति का पुण्यकाल सुबह 9:03 से संध्या 5:46 बजे तकम, जबकि महापुण्यकाल 9:03 से सुबह 10:48 बजे तक रहेगा.

मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन पुण्यकाल में गंगा व अन्य नदियों में स्नान-दान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और घर परिवार में समृद्धि आती है. वहीं एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है. सूर्य देवता के साथ भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में संपन्नता और बढ़ जाती है. इतना ही नहीं पितरों को मोक्ष की प्राप्ति भी होती है. पंडित शंकर मिश्रा ने बताया कि ग्रहों के राजा सूर्य धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और रवि पुष्कर जैसे तीन योग रहेंगे. संक्रांति का प्रवेश वाहन बाघ और उपवाहन अश्व रहेगा. इससे आगे का समय प्रजा के लिए बेहद फलदायी रहेगा. व्यापारिक क्षेत्र की विकास की राह पर अग्रसर होगा.

पांच राशि वालों का चमकेगा भाग्य

पंडित दयानंद पाण्डेय  ने बताया कि मकर संक्रांति पर सूर्यदेव मकर राशि में गोचर करेंगे और दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर अग्रसर होंगे. ऐसे में कुछ राशियों पर इस दिन सूर्य की विशेष कृपा होगी. इसमें पांच राशि मेष, कर्क, वृषभ, सिंह व मीन शामिल हैं. इन पांच राशि वाले लोगों का भग्य चमकेगा.

शास्त्रानुसार मकर संक्रांति के दिन किया गया दान अक्षय फल देता है. यह पर्व कृषि और ऋतु परिवर्तन से भी जुड़ा हुआ है. देशभर में इस दिन को विभिन्न नामों से मनाया जाता है, उत्तर भारत में मकर संक्रांति व सिख-पंजाबी समाज के लोगों का लोहड़ी त्योहार होगा.

मकर संक्रांति पर दान का महत्व

  • तिल और गुड़ – तिल का दान करने से सूर्य और शनि दोष शांत होते हैं.
  • खिचड़ी : चावल और मूंग दाल से बनी खिचड़ी का दान ग्रह दोषों को कम करता है.
  • गर्म कपड़े : जरूरतमंदों को कंबल या गर्म वस्त्र देने से पुण्यफल मिलता है.
  • घी : गाय के शुद्ध घी का दान कॅरियर और आर्थिक उन्नति में सहायक माना गया है.
  • रेवड़ी और मूंगफली : इनका दान रिश्तों में मधुरता बढ़ाता है.

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