नवगछिया। भाई और बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक पर्व भाई-दूज इस वर्ष गुरुवार, 23 अक्टूबर को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पंडित नरेश जोशी के अनुसार, भाई-दूज की तिथि 22 अक्टूबर की रात 8:16 बजे से प्रारंभ होकर 23 अक्टूबर की रात 10:46 बजे तक रहेगी। तिलक करने का सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर 1:23 बजे से 3:28 बजे तक का रहेगा। इस दौरान तिलक व पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
पंडित जोशी ने बताया कि भाई-दूज का यह पर्व प्रेम, सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना से जुड़ा हुआ है। इस दिन बहनें भाइयों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाती हैं और उनके सुख-स्वास्थ्य की कामना करती हैं, वहीं भाई भी बहनों को उपहार देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान यमराज ने अपनी बहन यमुना के घर जाकर तिलक ग्रहण किया था, तभी से यह परंपरा चली आ रही है।
भाई-दूज के अवसर पर बाजारों में मिठाइयों, राखियों और उपहारों की खरीदारी बढ़ गई है। लोग अपने-अपने भाइयों और बहनों के लिए उपहार तैयार कर रहे हैं। इस त्योहार के साथ कार्तिक मास के त्योहारों का समापन भी हो जाएगा।
