पटना पुलिस के शस्त्रागार से कई हथियार गायब हैं। न तो हथियारों का हिसाब मिल रहा है न ही अधिकारी इस पर उचित जवाब दे पा रहे हैं। या तो हथियार चोरी हो गए या फिर उन्हें गायब कर दिया गया। वहीं, समस्तीपुर के दुधपुरा स्थित पुलिस केंद्र के शस्त्रागार से विभिन्न प्रकार की चार हजार गोलियां गायब हैं। इसके अलावा सीवान जिले के शास्त्रागार से भी राइफल, नाइन एमएम की पिस्टल व गोलियां गायब हो गई हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बोल्ट एक्शन की सात राइफल नहीं मिली
सूत्रों के मुताबिक पटना पुलिस लाइन स्थित शस्त्रागर से सात बोल्ट एक्शन राइफल गायब हैं। शस्त्रागार की जांच में इन हथियारों का रिकार्ड नहीं मिल पाया। बोल्ट एक्शन को मॉस्कट राइफल भी बोलते हैं। इसमें मैगजीन नहीं होती है। एक-एक गोली कर फायर की जाती है। बोल्ट एक्शन के अलावा कई रिवाल्वर और पेन पिस्टल का भी हिसाब नहीं मिल रहा। हालांकि कितने रिवाल्वर और पेन पिस्टल गायब हैं, इसकी गिनती अभी पूरी नहीं हो पाई है। एक-दो दिनों में इसका मिलान पूरा कर लिया जाएगा।
पांच साल बाद गायब राइफल की एफआईआर
सूत्रों के मुताबिक पटना जिले के शस्त्रगार से थ्री नॉट थ्री की एक राइफल भी गायब मिली। छानबीन हुई तो पता चला कि राइफल 2012 से ही गायब थी। हालांकि इसकी एफआईआर फरवरी 2017 में कराई जई। वह भी तब जब हथियार की बरामदगी मुंगेर में हुई। इसके अलावा शस्त्रागार की जांच में हथियारों का रखरखाव बेहद खराब पाया गया है। इसके चलते कई हथियार कारगर नहीं रह गए हैं।

डीजीपी के आदेश पर हो रही जांच
डीजीपी केएस द्विवेदी ने सभी जिला पुलिस के शस्त्रागार की जांच कराने का आदेश दिया था। इसके बाद अलग-अलग जिलों में पुलिस के हथियारों और गोलियों की जांच शुरू हुई। अभी जांच जारी है। कुछ जिलों में हथियार और गोलियों की जांच हो गई पर कई जिलों में अभी इसकी छानबीन चल रही है। पटना पुलिस लाइन के शस्त्रागार की भी जांच अंतिम चरण में हैं।
एडीजी मुख्यालय एसके सिंघल ने बताया कि जिला पुलिस के शस्त्रागार की जांच हो रही है। जहां हथियार या गोली गायब मिलेंगे वहां एफआईआर होगी। सीवान और समस्तीपुर में एफआईआर हो गई है। अनुसंधान के दौरान हथियार और गोली के गायब होने के मामले में जिनकी जिम्मेवार पाई जाएगी उसके खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
