,, पुलिस ने पति और ससुर को लिया हिरासत में
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!,, सामने आये दो वीडियो कह रही है लक्ष्मी के मौत की कुछ और कहानी
,, वीडियो की पड़ताल कर पुलिस ने पूछ ताछ के लिए पति और ससुर को लिया हिरासत में

,, आत्महत्या का मामला हत्याकांड में हो सकता है तब्दील
,, शक की सूई लक्ष्मी के पति ओम पर
,, ब्लैकमेल कर फर्जी वीडियो बनाने व सुसाइड नोट लिखवाने की आशंका
नवगछिया : नवगछिया बाजार के व्यवसायी ओम लेहरी की पत्नी लक्ष्मी देवी के संदेहास्पद मौत के मामले में पुलिस उद्भेदन के करीब है. इस कांड संबंधित लक्ष्मी का दो कथित सुसाइड वीडियो वायरल हुए हैं जो कि अब पुलिस के पास भी है. पुलिस ने कथित रुप से सुसाइडल वीडियो और लक्ष्मी के मौत के बाद शव व घटना स्थल के तस्वीरों को मिलान कर भिन्नता पाये जाने के बाद पूछ ताछ के लिए लक्ष्मी के पति ओम लेहरी और उसके पिता माधव लेहरी को हिरासत में ले लिया है. रविवार को देर शाम घटना स्थल पर पहुंचे नवगछिया के एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन और नवगछिया के थानेदार पुनि संजय कुमार सुधांशु ने घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की छान बीन की और मौके से ही ओम लेहरी और उसके पिता माधव लेहरी को हिरासत में ले लिया. आशंका है कि लक्ष्मी के पति ओम लेहरी ने ही वीडियो को वायरल किया. लेकिन कथित रुप से सुसाइड वीडियो और मृत्यु के बाद घटना स्थल और शव की परिस्थिति में व्यापक रुप से भिन्नता है. आशंका है कि जिसने भी लक्ष्मी को प्रताड़ित कर या फिर ब्लैकमेल कर फर्जी वीडियो बनाया है. उसी ने लक्ष्मी को मार डाला है. अब यह आत्महत्या का मामला हत्याकांड में तब्दील होता नजर आ रहा है. मालूम हो कि घटना के पहले दिन से ही संदिग्ध गतिविधियों के कारण शक की सूई लक्ष्मी के पति व ससुराल वालों पर जा रही था. लेकिन घटना के बाद लक्ष्मी के भाई अकबर नगर निवासी सूरज का लिखित बयान इस कांड में टर्निंग प्वाइंट रहा और आत्महत्या के लिए पड़ोसी चचिया सास सुनील लेहरी और उसके परिवार वालों बनाया गया. हालांकि पुलिस स्तर से अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है. मालूम हो कि 20 मई को लक्ष्मी देवी की मौत का मामला दिन के ग्यारह बजे प्रकाश में आया था. मालूम हो कि लक्ष्मी के पति, भाई व ससुराल वालों का कहना है कि लक्ष्मी ने पड़ोसी सुनील लेहरी और उसके परिवार वालों की प्रताड़ना से तंग आ कर आतमहत्या कर लिया. जबकि इस मामले में कथित रुप से आरोपी बनाये गये लोगों का कहना है कि जमीन विवाद के कारण उन लोगों को जान बूझ कर फंसाया जा रहा है. ओम का उसकी साली के साथ प्रेम प्रसंग चलता था.
ओम ने अपनी ही साली के साथ शादी कर ली थी. फिर उसे नवगछिया स्थित दूसरे घर पर रख रहा था. जब लक्ष्मी ने कड़ी आपत्ति व्यक्त किया तो साली को वापस उसके घर भेज दिया. इन दिनों भी लक्ष्मी और उसके पति समेत ससुराल वालों के संबंध अच्छे नहीं थे. बराबर घर से रोने, चीखने, चिल्लाने और झगड़े की आवाज आती थी.
,, एक तरफ वीडियो दूसरी तरफ इसकी सत्यता पर सवालों में उलझी पुलिस
नवगछिया : नवगछिया में ओम लेहरी का दो मकान है. एक मकान में वह अपनी पत्नी लक्ष्मी व बच्चों के साथ रहता है तो नोनिया पट्टी स्थित घर में ओम के माता पिता रहते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2010 में अकबर नगर में शादी के कुछ दिनों बाद ही ओम और लक्ष्मी के साथ ओम के सात फेरों की डोर कमजोर पड़ गयी थी. ओम अपने ससुराल में ही अपनी साली के प्रेम प्रसंग में था. प्रेम प्रसंग इतना हद तक आगे बढ़ गया कि ओम ने शादी कर अपनी साली को नवगछिया के नोनिया पट्टी स्थित घर पर भी ले आया. इसके बाद जब लक्ष्मी ने आपत्ति व्यक्त किया तो पंचायती की गयी और प्रेम संबंधों को अवैध करार देते हुए पहली पत्नी के साथ ही रहने का का निर्णय पंचायती में लिया गया. लोगों का कहना था कि इस घटना के बाद भी लक्ष्मी के संबंध ओम के साथ बेहतर नहीं हुए. दूसरी तरफ पड़ोसी व ओम के अपने चाचा सुनील लेहरी के साथ उसका विवाद चल रहा था. यह जमीन विवाद के मामले में लक्ष्मी बीच में आयी और उसने वर्श 2014 में सुनील लेहरी और अन्य पर बलात्कार के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज करायी. लोगों का कहना है कि जमीन विवाद की कहानी में बीच में लक्ष्मी का आना ही उसके मौत का कारण बना. या तो ओम ने एक तीर से दो शिकार करने के लिए लक्ष्मी को पहले ब्लैकमेल किया और उसकी हत्या कर दी. स्थानीय लोग इससे ओम को दो फायदे की बात कह रहे हैं एक प्रेमिका के साथ घर बसा लेंगे दूसरी तरफ दुश्मनों को भी इसी मामले से साध लिया जायेगा. दूसरी तरफ सुनील लेहरी जो कि प्राथमिकी के आरोपी हैं लक्ष्मी की हत्या इसलिए कर सकते हैं कि उसका पति व ससुराल वाला केस में फंस जाय.
वीडियों में कहीं बातें और उसकी वास्तविकता पर उलझी पुलिस पुलिस मान रही है कि साधारण आत्महत्या का मामला नहीं है. लेकिन अपराधियों ने इतनी सफाई से हत्या की घटना को अंजाम दिया है कि पुलिस को सब कुछ स्पष्ट दिखते हुए भी कानूनी अड़चन के कारण पुलिस के निर्णय में स्पष्टता नहीं दिख रही है. हालांकि वायरल हुए वीडिया और घटना के बाद शव व घटना स्थल की स्थिति को देख कर कहा जा सकता है कि लक्ष्मी के मौत की पूरी कहानी अपने घर की चहारदिवारी तक ही सिमटी हुई है.
कहते हैं थानाध्यक्ष नवगछिया के थानाध्यक्ष संजय कुमार सुधांशु ने कहा कि सामने आये वीडियो की जांच की जा रही है. पूछ ताछ के लिए ओम लेहरी व उसके पिता माधव लेहरी को हिरासत में ले लिया गया है. जल्द ही सच्चाई लोगों के सामने आ जायेगी. कथित वीडियो और घटना की वास्तविकता में अंतर
,, वायरल हुए वीडियो में जिस वक्त लक्ष्मी फांसी लगा रही है उस वक्त महिला के बाल खुले हैं जबकि घटना के बाद लक्ष्मी के बालों में क्लीचर लगे थे और बाल पूरी तरह से क्लीचर से बंधा हुआ था.
,, वायरल हुए वीडियो में आत्महत्या के लिए लक्ष्मी ने जिस टेबुल का प्रयोग किया वह सनमाइका लगा और लोहे के स्टैंड वाला टेबुल है. जबकि लक्ष्मी के शव के पास पाइवर का लाल रंग का एक स्टूल रखा गया था.
,, वायरल हुए वीडियो में लक्ष्मी लाल रंग का ब्लाउज पहनी है जबकि लक्ष्मी के शव पर काले रंग ब्लाउज देखा गया था.
,, वायरल हुए वीडियो और लक्ष्मी के लटकते लाश का स्थल भी देखने से प्रथम दृष्टया भिन्न लगता है. घटना स्थल की तस्वीर और वीडियो में खूंटी पर टंगे कपड़ों व अन्य सामानों में काफी अंतर है.
,, सबसे अहम बाद वायरल हुए दो वीडियों में से एक वीडियो जिसमें लक्ष्मी फांसी लगा रही है वह फांसी पर झूलते ही बंद हो जाता है.अगर वीडियो लक्ष्मी बनाती तो निश्चित रुप से घर के सदस्यों के आने तक वीडियो चलते रहता लेकिन वीडियो देखने से ही लग रहा है कि लक्ष्मी से सब कुछ करवाया जा रहा है. क्या है वायरल हुए एक वीडियो में लक्ष्मी का वायरल हुआ एक वीडियो फांसी लगाने की घटना है तो दूसरे वीडियो में लक्ष्मी ने अपनी बात को रखा है. लक्ष्मी रो रही है और गवंई भाषा में बात कर रही है. वह कह रही है मैंने झूठ बोला था. लक्ष्मी ने पड़ोसियों का नाम लेते हुए कहा कि उन लोगों के उसके साथ बलात्कार किया था. लक्ष्मी दो वर्ष पहले किये गये केस का भी जिक्र कर रही है. वह बोल रही है केस से कोई फायदा नहीं है वह नहीं चाहती है कि उसका पति व परिवार वाला भी पड़ोसियों के साथ केस में फंसे. वह तो फंस ही गयी है और इज्जत भी चली गयी है. वह घुट घुट कर जी रही है. इसके बाद घटना की सुबह का जिक्र करते हुए लक्ष्मी ने सुसाइड नोट में कही गयी बातों को हू ब हू रखा है. जिसमें उसने कहा कि सुबह जब उसके पति ओम मार्निंग वाक करने जा रहे थे तो उसी समय सुनील लहड़ी और उसका परिवार सामने ही खड़ा था. वह गेट से बाहर कूड़ा फेंकने गयी तो उसके शरीर पर आरोपियों ने तेजाब डाला वह बच गयी. आरोपियों ने फिर तेजाब डालनेका प्रयास किया उसके पैर पर गिरा. इसके बाद वह जैसे ही घर आयी कि सभीआरोपी उसके रुम में आ कर मारपीट किया और आत्महत्या कर लेने को कहा. इसक्रम में उसका चेन लूट लिया गया. इसके बाद आरोपियों ने पर धमकी देने काआरोप लक्ष्मी ने लगया और कहा कि आरोपियों ने एक कागज भी दिया और बोला कियह सास ससुर को दे देना और बोलना की एक लाख रुपया दे देना. फिर लक्ष्मीकहती है कि वह पड़ोसियों की प्रताड़ना से आजिज हो गयी है. वह आग लगा करआत्महत्या करती है तो उसके सास ससुर फंस जायेंगे इसलिए उसने फांसी लगा करमरना ही उचित समझा. सुसाइड नोट और वीडियो की बात में तनिक भी अंतर नहींहै. अंतर सिर्फ इतना है कि सुसाइड नोट हिंदी में है और वीडिया गंवई भाषामें. वीडियो सेल्फी की तरह लिया गया है. लेकिन लक्ष्मी को देख कर लग रहाहै कि क्या बोलना है उसकी पूरी स्क्रीप्ट या तो उसके सामने है या फिर उसेयाद है.
बच्चो ने कहा मम्मी को सांप काट लिया हैरविवार को देर शाम जब बच्चों से जब पूछा गया कि तुम्हारी मम्मी कैसे मरगयी तो बच्चों ने कहा कि मम्मी को सांप काट लिया है. पूछा गया कि किसनेसिखाया है तो बच्चों ने कहा सिखाया है. छोटे बच्चे से पूछा गया तो उसनेकहा कि मम्मी चली गयी अब नहीं आयेगी. फिर पूछा कौन आयेगी तो बच्चे नेस्पष्ट कहा मौसी आयेगी. तूफा आयेगी. मालूम हो कि तूफा ओम की साली का नामहै.













