सूबे में सुशासन का राज है। अब कोई बाहुबली या गैंगेस्टर गाड़ी में बंदूक की नाल निकालकर नहीं चलता। बदमाशों के साथ दागी पुलिसकर्मी भी दंडित हो रहे हैं। जनता सर्वोपरि है। फरवरी से पुलिस आपके द्वारा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। थानेदार से लेकर डीजीपी तक गांवों में रात बिताएंगे और जनता की समस्या का समाधान करेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सोमवार की शाम पत्रकारों से बातचीत में बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने ये बातें कहीं। पुलिस गेस्ट हाउस में डीजीपी ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर भूमि विवाद बड़ी समस्या है। इसके कारण अपराध हो रहे हैं। सप्ताह में एक दिन थानेदार गांव में कैंप करेंगे। पुलिस मुख्यालय से इसकी मॉनिटरिंग होगी।

दिनभर जनता की समस्या सुनने के बाद वे रात गांव में ही बिताएंगे। डीएसपी 15 दिन पर और डीजीपी, आईजी व डीआईजी महीने में एक दिन गांव में लोगों की समस्या सुनेंगे। ग्रामीण स्तर पर भूमि विवाद व और अन्य समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान करेंगे।
अपराध व भयमुक्त समाज के लिए यह अभियान शुरु किया जा रहा है। इससे पहले डीजीपी कहलगांव में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर हर गांव की विलेज डायरी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत करते कहा कि विलेज डायरी का काम जल्द पूरा करें। बैठक में डीआईजी सुजीत कुमार, एसएसपी आशीष भारती, बांका एसपी अरविंद गुप्ता, नवगछिया एसपी निधि रानी समेत दोनों जिलों के कई पुलिस अधिकारी थे।
