भागलपुर में सुअर, कुत्ता, मुर्गी और मुंगेर में कबूतर व चमगादड़ मर रहे.. पशुपालन विभाग जाँच में जुटा -Naugachia News

भागलपुर / पटना

शनिवार को मायागंज इलाके में सुअर, कुत्ताें अाैर मुर्गियाें की जहां मौतें हुईं, वहीं उधर, मुंगेर के तारापुर अनुमंडल और हवेली खड़गपुर ब्लॉक में कौवा व कबूतर और चमगादड़ के मरने का सिलसिला शुरू हो गया। जहां तेघड़ा गांव में शनिवार को एक दर्जन से ऊपर कोवे मरे, वहीं हवेली खड़गपुर थाना परिसर में तीन-चार चमगादड़ और दो कबूतर मरे पाए गए। इसके अलाव तारापुर अनंमंडल परिसर में भी दो कबूतर मरे पाए गए। सभी को डिस्पोज कर दिया गया है, लेकिन इनसे होने वाले संक्रमण से लोग डरे हुए हैं। पशुपालन विभाग ने प्रारंभिक जांच में इसे स्वाइन फीवर बताया है।

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भागलपुर शहर के वार्ड 26 में सुअराें की लगातार हाे रही माैत के बाद दूसरी बार शनिवार काे निगम की टीम ने दूसरी बार संक्रमण की अाशंका वाली जगहाें पर केमिकल अाैर फिनाइल, ब्लीचिंग पाउडर अाैर चूना का छिड़काव किया। वार्ड 26 के पार्षद प्रीति देवी ने बताया कि अाठ सुअर अाैर दाे कुत्ताें के शव शनिवार की सुबह मायागंज इलाके में दिखे। वार्ड 27 के मायागंज अाैर सुंदरवन के पीछे वाले इलाके में सुअराें की माैत के बाद पार्षद उमर चांद ने भी दवा का वितरण कराया। कुप्पा घाट इलाके में दर्जनभर मुर्गियाें की शनिवार की दाेपहर दाे बजे माैत हाे गई। पार्षद का कहना है कि जाे कार्य पशुपालन विभाग अब कर रहा है उसे पहले करना चाहिए था।

दुकानदाराें ने झाड़ियाें में फेंका, मृत मुर्गों को खाने से तीन दिन में 50 कौवे भी मरे

घोघा| गोल सड़क चौक पर दुकानदारों के 125 मुर्गों की मौत शनिवार को हो गई। दुकानदारों ने उन्हें झाड़ियों में फेंक दिया। मुखिया प्रतिनिधि श्याम यादव की सूचना पर कहलगांव के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ. नरेंद्र कुमार सिंह, भ्रमणशील प्रखंड पशु चिकित्सा प्रभारी डॉ. अर्चना व पशुधन सहायक संजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और मुर्गा विक्रेताओं पूछताछ की। इसके बाद मृत मुर्गो का सैंपल लिया। डॉक्टरों ने दुकानदारों से कहा कि मृत मुर्गो को जमीन में नमक व चूना के साथ दफना दें। इन्हें इधर-उधर न फेंकें, ताकि वायरस न फैले। दुकानदारों ने बताया तीन दिन के अंदर लगभग दो सौ से अधिक मुर्गो की मौत हो गयी है। इससे हमलोगों को काफी नुकसान हुआ है। ग्रामीणाें ने स्वास्थ्य विभाग से दवा छिड़काव की मांग की है। बताया कि मृत मुर्गों को खाने से 50 कौवों की भी मौत पिछले तीन दिन में हो गई है। इससे लोगों में दहशत है।

संक्रमित पशुअाें काे अलग रखने की सलाह

मरे सुअर व पक्षी की जांच रिपाेर्ट अभी काेलकाता से नहीं अाई है। पशुपालन विभाग के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. अश्विनी कुमार सिंह बताया कि दाे दिन पहले पटना से अाई जांच टीम ने पूरे मामले की जांच की है। पटना में जांच की व्यवस्था नहीं रहने के कारण ब्लड के सैंपल को काेलकाता भेजा गया है। उन्हाेंने बताया कि सभी पशुचिकित्साें व कर्मियों की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है। हर महीने 100 पक्षियाें के नमूने लेकर उसे जांच के लिए भेजा जाता है। पिछले महीने की रिपाेर्ट में किसी पक्षी काे बर्ड फ्लू नहीं मिला है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डाॅ. शुंभूनाथ झा ने बताया कि रविवार काे भी सुअराें की जांच के लिए बनी मेडिकल टीम इलाके में भ्रमण करेगी। इलाके के सुअर पालकाें काे जागरूक किया जा रहा है। संक्रमित सुअराें काे स्वस्थ सुअराें से अलग रखने काे कहा जा रहा है।