कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए परिवहन विभाग ने पटना में सिटी बसों के साथ अंतरराज्यीय बसों के परिचालन पर रोक लगा दी है। शनिवार से ही सिटी बसों का परिचालन बंद कर दिया गया। वहीं, रविवार से अंतरराज्यीय बसें नहीं चलेंगी। इसके अलावा एक जिले से दूसरे जिले के लिए भी बसों का परिचालन बंद रहेगा। विशेष परिस्थिति में डीएम की अनुमति से इसे चलाया जा सकता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए एहतियात के तौर पर 31 मार्च तक सिटी बसों के साथ अंतरराज्यीय बसों के परिचालन पर रोक लगाई गई है। 31 मार्च तक सरकारी एवं निजी सभी तरह की सिटी और अंतरराज्यीय बसों का परिचालन नहीं होगा। स्थिति सामान्य होने के बाद ही परिचालन करने का निर्णय लिया जाएगा।


वहीं पटना-दिल्ली के बीच चलने वाली वोल्वो बसों के परिचालन पर भी 31 मार्च तक के लिए रोक लगाई गई है। दिल्ली के लिए 7 बसों का परिचालन किया जा रहा था। पथ परिवहन निगम द्वारा पटना में रोज 120 सिटी बसों का परिचालन किया जा रहा है। हर दिन लगभग 50 हजार यात्री सिटी बसों से सफर करते हैं। इसके पूर्व 31 मार्च तक काठमांडू और जनकपुर के लिए चलने वाली बसों को बंद किया जा चुका है।
60 नए मामले
इस बीच देश में शनिवार को कोरोना वायरस के संक्रमण के 60 नए मामले सामने आए। इनमें दिल्ली के सात मामले शामिल हैं। इन सबको मिलाकर देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 283हो गई है। शुक्रवार को संक्रमण के 50 मामले सामने आए थे।

सभी मंदिर-मठों को बंद करने का आदेश
कोरोना की कहर को देखते हुए बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड ने एक बड़ा आदेश दिया है। बोर्ड ने सूबे के सभी 4500 मंदिरों और कबीर मठों को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया है। बोर्ड के अध्यक्ष एके जैन ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह आदेश दिया गया है। सिर्फ आरती और राजभोग के लिए मंदिर खुलेंगे और इसमें भी अधिकतम तीन लोग शामिल होंगे।
रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हॉल भी बंद रहेंगे
राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए पटना समेत बिहार के सभी रेस्टोरेंट और विवाह भवनों को 31 मार्च तक बंद करने का आदेश दिया है। हालांकि रेस्टोरेंट से भोजन की होम डिलीवरी और टेक होम सर्विस जारी रहेगा। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने महामारी कानून के तहत दिए गए अधिकार का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया।
