भागलपुर/पूर्णिया : लड़कियों की तस्करी करने वाले गिरोह के सरगना टिंकू मंडल को पुलिस ने पूर्णिया जिले से गिरफ्तार कर लिया। टिंकू पूर्णिया जिले के भवानीपुर, डुमरा डेढ़वा का रहने वाला है। वह 26 जुलाई भागलपुर के जीरोमाइल स्थित ज्योति विहार कॉलोनी में पकड़े गए सेक्स रैकेट में नामजद आरोपित है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भागलपुर के एसएसपी आशीष भारती ने बताया कि सेक्स रैकेट का मुख्य सरगना मधेपुरा जिले के बिहारीगंज का मिथिलेश है। टिंकू उसे लड़कियां उपलब्ध कराता था। मिथिलेश के चंगुल से भागी नाबालिग लड़की ने भी पुलिस को बताया है कि टिंकू ने ही उन लोगों का अपहरण कर मिथिलेश को सौंपा था।


टिंकू मंडल पर पूर्णिया, मधेपुरा, कटिहार सहित अन्य जिलों में कई लड़कियों के अपहरण के मामले दर्ज हैं। पुलिस उसका आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। वह लड़कियों का अपहरण कर उसे सेक्स रैकेट चलाने वाले सरगना को मोटी रकम में बेच देता था। आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को वह निशाना बनाता था। कई बार वह काम दिलाने का प्रलोभन देकर भी लड़कियों को इस धंधे में धकेल देता था।
एसएसपी आशीष भारती ने सेक्स रैकेट के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सिटी डीएसपी राजवंश सिंह के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया है। जीरोमाइल थानेदार राजरतन, तिलकामांझी इंचार्ज मिथिलेश कुमार सहित अन्य पुलिस टीम ने पूर्णिया के अकबपुर ओपी के इंचार्ज इजहार आलम, एएसआई राजकुमार के साथ मिलकर कई इलाकों में छापेमारी की।

जीरोमाइल के ज्योति विहार कॉलोनी में मिथिलेश के चंगुल में फंसी तीसरी लड़की किसी तरह भागकर पुलिस के पास पहुंच गई। उसने पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारियां दी है। पीड़िता ने बताया है कि मामले का पर्दाफाश होने के बाद मिथिलेश पुलिस से बचने के लिए भागा फिर रहा हैं। उसने छह लड़कियों को ज्योति विहार कॉलोनी से हटाकर गोसाईं गांव में अपने रिश्तेदार सिकंदर मंडल के यहां छिपा दिया। लेकिन वह किसी तरह रविवार को वहां से भाग निकली। इसके बाद परिजनों से संपर्क करने के बाद पुलिस के पास पहुंची हैं।
आठ लड़कियां फिलहाल थी मिथिलेश के पास : पीड़िता के मुताबिक मिथिलेश के पास फिलहाल आठ लड़कियां थी। जिसमें दो भाग निकली तो छह बचे थे। उसने बताया कि छह में से एक लड़की बंगाल की थी। मिथिलेश उसे भी जबरन सेक्स रैकेट में धकेल दिया था। उसे भी अलग अलग जगहों पर भेजा जाता था। उसने बताया कि बंगाल के अलावा झारखंड और बिहार के अन्य जिलों की भी लड़कियां उसके चंगुल में फंसी थी। जिसे वे लोग खूब प्रताड़ित कर धंधा कराते थे।

गर्भ निरोधक गोलियां भी खिलाते थे
मिथिलेश के चंगुल में फंसी लड़कियों को गर्भ निरोधक गोलियां भी खिलाई जाती थी। ताकि वह गर्भ से ना हो जाए। इसके अलावा अन्य नशीली दवाइयां जबरन उन लोगों को दी जाती थी। ताकि वे लोग घर में ग्राहकों का विरोध ना कर सके। पीड़िता के मुताबिक उन लोगों को कभी कभी अर्ध बेहोशी की हालत में कई लोगो के साथ कमरे में बंद कर दिया जाता था। कई लड़कियों को इस कारण तबियत भी खराब हो जाती थी।
प}ी भी घर में करती थी धंधा
सेक्स रैकेट के चंगुल से भागी पीड़िता ने कहा कि उन लोगों को मिथिलेश की कथित प}ी गुड़िया बहुत प्रताड़ित करती थी। वह अलग अलग लोगों के साथ घूमती थी। वहीं घर में वह भी ग्राहकों के साथ धंधा करती थी। जिसमें उसे मोटी रकम मिलती थी।
टिंकू के भतीजा ने किया था अपहरण
पीड़िता ने बताया कि टिंकू मंडल के भतीजे जीतन मंडल ने उसका फरवरी 2018 में घर के समीप शौच जाते समय अपहरण कर लिया था। उसे पूर्णिया से भागलपुर लाया गया। उसने मिथिलेश मंडल को सौंप दिया। इसके बदले जीतन को 30 हजार रुपये मिले थे।
परोसी जाती थी शराब
पुलिस को पीड़िता ने बताया है कि जहां भी वे लोग जाती थीं, वहां शराब का इंतजाम होता था। ज्योति विहार कॉलोनी में भी मिथिलेश लोगों के लिए शराब का इंतजाम करता था।
लड़कियों से पहले मिथिलेश करता था दुष्कर्म
जिन भी लड़कियों को जबरन सेक्स रैकेट के धंधे में मिथिलेश लाता था। उन लड़कियों के साथ पहले वह खुद दुष्कर्म करता था। उसके साथ भी उसने कई बार दुष्कर्म किया है। जब भी वह विरोध करती थी तो गुड़िया उन लोगों को बुरी तरह मारने पीटने के बाद भूखी रखती थी।

