राजधानी पटना की ट्रांसजेंडर मोनिका दास को बिहार विधानसभा चुनाव में पीठासीन पदाधिकारी बनाया जाएगा। देश में पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को मतदान कार्य के लिए पीठासीन पदाधिकारी बनाया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मोनिका दास केनरा बैंक की ऑफिसर हैं। पटना की रहने वाली मोनिका दास देश की पहली ट्रांसजेंडर बैंकर बन चुकी हैं। पीठासीन पदाधिकारी के तौर पर मोनिका दास एक बूथ की पूरी जिम्मेवारी संभालेंगी। यानी मतदान कराने से लेकर मॉनिटरिंग का काम करेंगी। पीठासीन अधिकारी के तौर पर आठ अक्टूबर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ट्रांसजेंडर रिया सरकार को पोलिंग ऑफिसर बनाया जा चुका है। रिया सरकार स्कूल शिक्षिका हैं। बिहार विधानसभा में पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को पीठासीन पदाधिकारी बनाया जा रहा है। इससे ट्रांसजेंडर समुदाय में खुशी की लहर है।
ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए यह चुनाव आयोग की सकारात्मक पहल है। वैसे ट्रांसजेंडर जो मुख्यधारा में शामिल नहीं है। उन्हें प्रेरणा मिलेगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता मिलने के बाद समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास जारी है। राज्य में ट्रांसजेंडर को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किन्नर कल्याण बोर्ड बनाया जा चुका है। इसके अलावा पहली बार किन्नर महोत्सव भी मनाया जाता है।

मोनिका दास पटना विवि से लॉ में गोल्ड मेडलिस्ट
मोनिका दास पटना विश्वविद्यालय से लॉ में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। इसके अलावा सौंदर्य प्रतियोगिता में फेस ऑफ पटना भी रह चुकी हैं।
पीठासीन पदाधिकारी का काम
– पीठासीन पदाधिकारी को पोलिंग पार्टी के सदस्यों से परिचित होना चाहिए और संपर्क बनाए रखना चाहिए।
– रिटर्निंग ऑफिसर के सभी प्रासंगिक निर्देशों को तैयार रखना होगा।
– मतदान केंद्र के स्थान और यात्रा कार्यक्रम के बारे में स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए।
– चुनाव से संबंधित सभी रिहर्सल और प्रशिक्षण वर्गों में भाग लेना चाहिए।
– चुनाव सामग्री एकत्र करते समय, सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी आइटम सौंप दिए गए हैं।
– रिटर्निंग ऑफिसर के किसी भी निर्देश का अनुपालन करना।
– मतदान केंद्र का प्रभार लेने के लिए।
– यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी मतदाताओं के साथ निष्पक्ष और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता है।
