गोपालपुर : गंगा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि होने के कारण गोपालपुर व इस्माइलपुर व नवगछिया प्रखंडों में बाढ की स्थिति काफी गंभीर हो गई है. इस्माइलपुर प्रखंड की पचास हजार आबादी पूरी तरह से प्रभावित हुई है. पिछले वर्ष विभिन्न योजनाओं से बनाई गई पुल -पुलिया व सडकें घ्वस्त होने के कारण ग्रामीण अपने -अपने घरों में कैद हो गये हैं. आवागमन का सहारा एक मात्र नाव ही बचा है.प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाया गया बाढ पीडितों के लिये काफी नहीं होने के कारण पीडीत जान जोखिम में डालकर छोटी -छोटी नौका से घर से निकलने को विवश हैं.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाढ का दायरा बढा, तटबंध पर लोगों ने बनाया आशियाना
– सरकारी राहत अभी तक नहीं
इस्माइलपुर -बिंद टोली तटबंध पर बाढ पीडित कपडे व प्लास्टिक का घर बना कर खानाबदोश की तरह रहने को विवश हैं. अभी तक प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा किसी तरह की व्यवस्था नहीं किये जाने से ग्रामीणों में आक्रोश गहराता जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार इस्माइलपुर स्थित स्पर संख्या एक पर राहत शिविर प्रशासन द्वारा प्रारंभ करने की जानकारी दी जा रही है. परन्तु बाढ पीडितों ने शिविर में जाने से इंकार कर दिया है. बाढ पीडित सूखा राशन की मांग कर रहे हैं. नवगछिया प्रखंड के खगड़ा, बोडवा, आचार्य टोला पकरा आदि में भी बाढ का पानी प्रवेश कर जाने से स्थिति काफी गंभीर हो गई है. तेतरी दुर्गास्थान से जहान्वी चौक जाने वाली 14 नंबर सडक के कट जाने से स्थिति काफी गंभीर हो गई है.


इस्माइलपुर से लेकर बिंद टोली तक तटबंध के दोनों ओर पानी होने से कई जगह तटबंध पर दवाब बढ गया है. गोपालपुर प्रखंड के बोचाही दियारा व नवटोलिया बोचाही गाँव में बाढ के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है. बाबू टोला कमलाकुंड के बिंद टोली गाँव का अस्तित्त्व ही समाप्त होने को है. डीएम प्रणव कुमार के निर्देश के बावजूद बाढ पीडितों के लिये ना तो शौचालय ना ही चापाकल की व्यवस्था अभी तक हो पाई है.
