पूरे बिहार में रेड अलर्ट.. डेंगू के बाद अब मलेरिया का खतरा, जारी की चेतावनी.. दी हिदायत

भागलपुर / पटना

बिहार में बीते दिनों डेंगू के कहर को देखते हुए मौसम विभाग ने पहली बार लोगों की सेहत को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 15 नवंबर से 28 नवंबर तक भागलपुर सहित बिहार के विभिन्न जिलों में मलेरिया के स्तर में 75 फीसदी बढ़ोतरी हाे सकती है, जबकि डेंगू का स्तर 35 प्रतिशत से नीचे रहने की संभावना है। इसका असर बिहार के साथ-साथ देश के दूसरे हिस्सों में भी पड़ेगा।

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मौसम विभाग के मुताबिक 28 नवंबर तक राज्य के अधिकतर जिलों में अधिकतम तापमान 33 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 से 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। तापमान में उतार-चढ़ाव के मद्देनजर यदि बचाव नहीं किया गया तो भागलपुर सहित बिहार के दूसरे जिलों में रहने वाले लोग मलेरिया की बीमारी से ग्रसित हो सकते

ठंड बढ़ने के साथ ही बढ़ेगा मलेरिया, डेंगू पर लगेगा अंकुश

मौसम विभाग ने ये रेड अलर्ट एक से 14 नवंबर तक मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के विश्लेषण के बाद जारी किया है। इसके तहत बिहार के सभी जिलों में 28 नवंबर तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगभग 15 से 25 डिग्री सेल्सियस का अंतर रहने की संभावना है। ऐसे में गर्मी और ठंड की वजह से डेंगू पर रोक लगेगा, लेकिन मलेरिया के प्रकोप बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक यदि न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो इस स्थिति में व्यक्ति मलेरिया प्लास्मोडियम विवैक्स से ग्रसित हो सकता है। यदि न्यूनतम तापमान 16 से 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो व्यक्ति मलेरिया प्लाज्मोडियम फैल्सीपैरम से ग्रसित होंगे। मौसम में होने वाले बदलाव का असर बिहार के साथ ही देश के दूसरे राज्यों में रहेगा। इसमें गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड प्रमुख राज्य हैं। फिलहाल मौसम विभाग ने 15 से 21 नवंबर तक बिहार सहित देश दूसरे हिस्से में डेंगू के स्तर गिरकर 35 फीसदी होने की संभावना जाहिर की है।

शरीर में दर्द, भूख न लगना तेज बुखार की हाेगी शिकायत

वरीय फिजिशियन डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि प्लास्मोडियम विवैक्स से ग्रसित मरीज को कमर दर्द, सिर दर्द, हाथों में दर्द, पैरों में दर्द, भूख ना लगने के साथ तेज बुखार की शिकायत होगी, जबकि प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम से ग्रसित मरीज को ठंड लगने के साथ उसके सिर में भी दर्द बना रहता है और उल्टियां होगी। रोग से बचाव के लिए मच्छरों पर रोक लगाने की जरूरत है।

तापमान में उतार-चढ़ाव से एक्टिव हो जाते हैं मच्छर

भागलपुर के प्रभारी जिला मलेरिया पदाधिकारी डाॅ. मनोज कुमार चौधरी का कहना है कि विभाग काम कर रहा है, लेकिन सावधानी की जरूरत है। तापमान में उतार-चढ़ाव से मलेरिया के मच्छर रात में सक्रिय हाेते हंै। मच्छराें की जनन क्रिया तेज हो जाती है। ये मच्छर रात 12 बजे से अहले सुबह तक काट सकते हैं, इसलिए लाेगाें काे रात में मच्छरदानी का प्रयाेग करना चाहिए।