नवगछिया : पटना पुलिस ने किया खुलासा देसी कारबाइन, तीन कारतूस, पांच मोबाइल और बाइक बरामद -Naugachia News
नवगछिया : पटना के दीदारगंज से 31 मई को अगवा कर नवगछिया लाए गए 13 वर्षीय किशोर रजत की बरामदगी के साथ-साथ पटना पुलिस ने एसटीएफ की मदद से चार अपहरणकर्ताओं को भी दबोच लिया है। मंगलवार को पटना पुलिस कप्तान गरिमा मलिक ने अपहरण पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार आरोपितों में अमरनाथ शर्मा, उसका भाई जयप्रकाश कुमार, रोशन कुमार और नवगछिया के खरीक थाना क्षेत्र के गोटखरीक निवासी राजमिस्त्री कैलाश शर्मा शामिल हैं। बाकी सभी आरोपित वैशाली जिले के विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं। इनके पास से देसी कारबाइन, तीन कारतूस, पांच मोबाइल और कांड में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है।
बाइक चलाने की ललक में वैशाली चला गया था किशोर : बाइक चलाने की ललक की वजह से किशोर का आसानी से अपहरण कर लिया गया था। अपहरण को राजमिस्त्री कैलाश शर्मा के गिरोह ने अंजाम दिया था। इस गिरोह में किशोर का पूर्व ट्यूशन टीचर विकास भी शामिल है। सभी अपहरणकर्ता के रिश्तेदार हैं। विकास ने प्लानिंग की और इसमें रोशन, अमरनाथ और कैलाश को शामिल किया। विकास से रुपये लेकर जयप्रकाश ने देसी कारबाइन खरीदी थी।

हथियार के बल पर ले गए नवगछिया : वैशाली से रजत को हथियार के बल पर जयप्रकाश और कैलाश नवगछिया लेकर गए। वहां उन्होंने रजत को कैलाश के घर के एक कमरे में बंद कर दिया। वहां उसके साथ हल्की मारपीट भी की। जयप्रकाश के रवाना होते ही वैशाली से रोशन ने मोबाइल से रजत के पिता रंजीत कुमार से फिरौती मांगी। पुलिस का कहना है कि 60 लाख रुपये की ही फिरौती मांगी गई थी। रोशन ने जब 31 मई की रात 9:53 बजे फिरौती के लिए पहला कॉल किया था, उस वक्त रंजीत बेटे की गुमशुदगी की शिकायत कर दीदारगंज थाने से बाहर निकले ही थे। वे फौरन अंदर गए और फिरौती के बारे में पुलिस को जानकारी दी। एसएसपी ने ग्रामीण एसपी कांतेश मिश्र के नेतृत्व में फतुहा एसडीपीओ मनीष कुमार सहित तीन थानों की पुलिस व विशेष सेल की टीम गठित की।

मुर्गा खरीदने बाजार गया था रजत
31 मई की शाम को रजत जब घर से मुर्गा खरीदने के लिए बाजार गया था, तब बाइक से रोशन और ट्यूशन टीचर विकास उसके पास पहुंचे। उन्होंने रजत से कहा कि तुम बाइक चलाओ, आज हम घूमते हैं। रजत खुश होकर बाइक पर बैठ गया। कुछ दूर आगे जाने पर उन्होंने रजत को बीच में बिठा लिया और वैशाली के राघोपुर थानान्तर्गत जफराबाद टोक लेकर चले गए, जहां जयप्रकाश और कैलाश पहले से मौजूद थे।

24 घंटे के अंदर पहले आरोपित तक पहुंची पुलिस
अपहरणकर्ता जिस दुकान से रजत को गुमराह कर ले गए थे, वहां से पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। एक सीसी कैमरे की फुटेज में रोशन का चेहरा दिखा। परिजन ने तस्वीर देखी तो ऐसा लगा कि इस शख्स को उन्होंने अमरनाथ के साथ देखा था, जो रंजीत (रजत के पिता) के घर निर्माण कार्य करता था। शक के आधार पुलिस ने मालसलामी के शरीफागंज स्थित ठिकाने से अमरनाथ को उठाया। सख्ती से पूछने पर अमरनाथ ने भाई जयप्रकाश को अपहरण की साजिश का रचयिता बताया। इसके बाद पुलिस ने वैशाली में दबिश दी। वहां रोशन को उस मोबाइल के साथ पकड़ा गया, जिससे फिरौती के लिए कॉल और मैसेज किए जा रहे थे।

