प्रखंड के जहांगीरपुर वैसी गांव के समीप कोसी तटबंध पर हो रहा भीषण कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे 50 घरों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। गुरुवार को भी तटबंध पर कटाव जारी था। नदी के कटाव का दायरा 24 घंटे में 100 से बढ़कर 200 मीटर तक पहुंच गया है। कटाव से ग्रामीणों में दहशत है। लोगों के घर कटावस्थल से महज 100 मीटर ही रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध पर जल्द कटावरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया तो सैकड़ों परिवार बेघर हो जाएंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कटाव की सूचना अनुमंडल प्रशासन को दी है। लेकिन अब तक कटाव रोकने के लिए कोई पहल नहीं की गई है। इधर, नयाज अख्तर, मो. इस्तेखार आलम, हाफिज, मो. मारूफ, मो. मुश्ताक, मो. हैदर, मो. फिरोज, मो. अफजल, मो. मोफिल मो. नौमाम, करण कुमार आदि के घर कटाव के बिल्कुल मुहाने पर आ गया है। पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल ने बताया कि प्रशासनिक पदाधिकारियों के अलावा जल संसाधन विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है, लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा कटाव रोकने के लिए किसी प्रकार की पहल नहीं की गई है। इधर, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार ने कहा कि कटावस्थल का जायजा लेकर विभाग को रिपोर्ट भेजा जाएगा। प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद तटबंध पर कटावरोधी कार्य कराया जाएगा।


कटाव से भयभीत ग्रामीण कर रहे हैं रतजगा
कटाव की भयावहता को देखते हुए ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा यहां कटावरोधी कार्य कराया गया होता तो तटबंध पर कटाव नहीं होता। लोगों का यह भी कहना है कि अगर कटाव नहीं रुका तो हम कहीं के नहीं रहेंगे। लोगों ने कहा कि इस कड़ाके की ठंड में हम कहां शरण लें, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। वहीं प्रशासन द्वारा अब तक सुध नहीं लिए जाने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कटावरोधी काम शुरू नहीं कराया गया तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
