नवगछिया : चैती छठ महापर्व के दौरान नारायणपुर क्षेत्र में अव्यवस्था का मामला सामने आया है। गंगा घाट तक जाने वाले रास्तों पर फैली गंदगी ने व्रतियों की आस्था और सुविधा दोनों को प्रभावित किया, जिससे स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गंदगी से पटे मिले रास्ते
रविवार को जब व्रती श्री कृष्णा विवाह भवन बलहा के दक्षिण स्थित गंगा नदी में स्नान के लिए पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि रास्ते पूरी तरह गंदगी से भरे पड़े हैं। इसके कारण श्रद्धालुओं को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा और मजबूरी में उन्हें उसी रास्ते से गुजरना पड़ा।
खरना के दिन भी कम दिखे श्रद्धालु
बताया जा रहा है कि खरना के मौके पर गंगा नदी की उपधारा में स्नान करने के लिए अपेक्षाकृत कम लोग पहुंचे। आमतौर पर इस दिन घाटों पर अच्छी-खासी भीड़ होती है, लेकिन इस बार स्थिति अलग दिखी।

प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा साफ-सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। व्रतियों की सुविधा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नजर नहीं आई, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई।
संख्या कम होने को बताया कारण
स्थानीय निवासी कुंदन यादव ने बताया कि शारदीय छठ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है, इसलिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जाती हैं। जबकि चैत्र मास में गर्मी अधिक होने के कारण व्रतियों की संख्या कम रहती है, संभवतः यही वजह है कि इस बार सफाई व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया।
साल में दो बार मनाया जाता है छठ
छठ महापर्व साल में दो बार मनाया जाता है—चैत्र मास में चैती छठ और कार्तिक मास में शारदीय छठ। दोनों ही अवसरों पर श्रद्धालु नदी या जलाशय के किनारे सूर्य उपासना करते हैं।
