केंद्रीय कमेटी के सदस्यों ने मंगलवार को गंगा नदी के कटाव से हुई क्षति का आकलन किया। एसडीओ मुकेश कुमार के साथ कमेटी के सदस्यों ने बाढ़ में टूटी लक्ष्मीपुर-नारायणपुर सड़क को देखा। उसके बाद इस्मार्इलपुर प्रखंड कार्यालय में घुसे पानी के बारे में लोगों से पूछताछ की। इस्मार्इलपुर में बाढ़पीड़ितों ने खाते में पैसा नहीं आने और क्षतिपूर्ति नहीं मिलने की बात कहते हुए अधिकारियों का घेराव किया। पूर्वी भीठ्ठा पंचायत के महादलितों ने बाढ़ में घर गिरने और सुअर मरने की बात की। साथ ही कहा कि सीओ को सूचना देने के बाद भी क्षतिपूर्ति नहीं मिली। कमेटी के सदस्यों ने सीओ और मुखिया से जानकारी ली। मुखिया मनोहर मण्डल ने बताया कि लगभग 100 महादलित हैं। लेकिन बाढ़ में सुअर मरने की जानकारी नहीं दी गयी थी। इस बात पर महिलाओं ने हंगामा किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पीड़ित परिजनों ने की क्षतिपूर्ति नहीं मिलने की शिकायत
मृतक मटरू मंडल के परिजनों ने कहा कि बाढ़ में डूबने के बाद आज तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। सीओ में बताया कि बाढ़ में डूबे 18 लोगों के परिजनों को मुआवजा मिल गया है। मटरू मंडल वाला आवेदन डीसीएलआर नवगछिया के पास भेजा गया है। इस पर एसडीओ ने कार्यालय से पता कर बताया कि आवेदन पांच दिसम्बर को ही स्वीकृत कर सीओ के पास भेज दिया गया है। इस बात पर सदस्यों ने सीओ को कड़ी फटकार लगाई। वहीं बाढ़ पीड़ितों ने जब घेराव किया तो सीओ ने बताया कि आठ सौ में चार सौ पीड़ितों के खाते में पैसा चला गया है। चार सौ पीड़ितों के खाते में पैसा नहीं जा सका है। इस पर सीओ को चेतावनी दी गयी।

स्पर छह और स्पर नौ में हुई क्षति का आकलन
केंद्रीय कमेटी के सदस्यों ने स्पर छह, स्पर नौ, स्पर 5(2) में हुई क्षति का आकलन किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की और कटावस्थल को जाकर देखा। बाढ़ के बाद पीड़ितों को मिलनेवाली क्षतिपूर्ति की राशि में कटौती के बाद मुआवजा नहीं मिल पाया था। इसको लेकर केंद्रीय कमेटी आकलन करने आयी थी।
