ढोलबज्जा: खैरपुर कदवा पंचायत के गोला टोला कदवा में स्थित मां काली मंदिर की स्थापना करीब 250 वर्ष पहले पकरा निवासी रघु प्रसाद सिंह ने अपने नीज जमीन पर किया था. तभी से यहां मां काली की पूजा-आराधना भक्तों द्वारा होती आ रही है. मंदिर के पुजारी अमीर राम बताते हैं कि कार्तिक मास के आमावस्या यानि दिपावली की रात माता काली की प्रतिमा व कलश स्थापित कर पंडित विधान चौधरी के द्वारा वेदोच्चारण के साथ सात्विकी पद्धति से माता की पूजा की जाती है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सच्चे मन से माता के दरबार में जो भी भक्त मनोकामनाएं मांगती है उसे माता पूरी करती है. वहीं संध्या आरती में इलाके के हजारों श्रद्धालुओं शामिल होते हैं. जहां दो दिवसीय भव्य मेले का भी आयोजन किया जाता है.
मेला सचिव गुरुदेव सिंह व अध्यक्ष मणिकांत सिंह ने कहा- स्थानीय ग्रामीणों की सहयोग से मंदिर का निर्माण किया गया है. पहले यहां बलि प्रथा चलती थी जिसे आज से 70 साल पहले समाप्त कर दी गई है. जहां शांति विधि-व्यवस्था के लिए दर्जनों सुरक्षा कर्मियों व कदवा पुलिस मुश्तैद रहेंगे.

