नवगछिया : उत्तर भारत का शक्तिपीठ तेतरी दुर्गा मंदिर का इतिहास 423 वर्ष पुराना

नवगछिया । धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध नवगछिया का तेतरी गांव, उत्तर भारत के एक प्रमुख शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। यहां स्थित मां दुर्गा का प्राचीन मंदिर आज भी श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है। बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना लगभग 423 वर्ष पूर्व, सन 1600 ईस्वी में की गई थी।

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मां दुर्गा का चमत्कारी प्राकट्य

मेला समिति के अध्यक्ष रमाकांत राय के अनुसार, तेतरी गांव के लोगों को स्वप्न में संकेत मिला कि पास की कलवलिया धार में एक मेढ़ (टीलानुमा संरचना) भसकर आई है। इसके बाद ग्रामीण वहां पहुंचे और उन्हें दिव्य आभास हुआ। तत्पश्चात ग्रामीणों ने वहां मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की। तभी से यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में विख्यात हो गया।

हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं दर्शन करने

मंदिर परिसर में सालभर भक्तों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान यहां भव्य आयोजन होता है। दूर-दराज से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आस्था है कि जो भी सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है।

विशेष आकर्षण – प्रतिमा विसर्जन

तेतरी गांव की दुर्गा पूजा का मुख्य आकर्षण यहां का प्रतिमा विसर्जन है। परंपरागत तरीके से निकलने वाली विसर्जन शोभायात्रा देखने के लिए भागलपुर सहित आसपास के जिलों से लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। विशाल जनसमूह और भक्तिमय माहौल इस क्षेत्र को अद्वितीय बना देता है।

मेले में झूला, मौत का कुआं और बाजार

दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर परिसर और आसपास का इलाका मेला मैदान में तब्दील हो जाता है। यहां लगने वाले मेले में

  • टावर झूला
  • ब्रेक डांस
  • मौत का कुआं
  • मनिहारों की दुकानें

फर्नीचर और घरेलू सामान का बाजार
मुख्य आकर्षण होते हैं। यह मेला न सिर्फ धार्मिक, बल्कि आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सुरक्षा व्यवस्था चुस्त, CCTV की निगरानी

श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन और मेला समिति द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। मंदिर परिसर और आस-पास CCTV कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही भागलपुर और आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाती है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।

लोक आस्था का प्रमुख केंद्र

तेतरी गांव का यह शक्तिपीठ न सिर्फ नवगछिया बल्कि पूरे उत्तर भारत के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। दुर्गा पूजा के अवसर पर यहां का उल्लास, भीड़ और भक्तिमय वातावरण देखने योग्य होता है।

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