खरीक :खरीक के उस्मानपुर में आस्ट्रेलिया के कृषि वैज्ञानिक जे ऑफ और सबौर कृषि काॅलेज के कृषि वैज्ञानिक डॉ रामदत ठाकुर शनिवार को उस्मानपुर पहुँचक्रकीसानों द्वारा की जा रही स्टाॅबेरी की खेती का निरीक्षण किया. निरिक्षण के बाद कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जरूरी निर्देश दिया और अपनी निगरानी मे सिंचाई करवाया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि स्ट्राबेरी फसल बहुत ही कम जहरों और केमिकल के उपयोग से तैयार होता है.स्टॉबेरी फसल जनवरी -फरवरी तक पूर्ण रूपेण तैयार हो जाएगा. तैयार फसल की बिक्री में किसानों को कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए द्वारा बाजार की व्यवस्था कर ली है. अब किसान उचित मुनाफे के साथ स्ट्राॅबेरी की बिक्री करेंगे.स्ट्राबेरी की खेती के मामले में ख़रीक का उस्मानपुर जिले का पहला जगह है. जहाॅ यह खेती शुरू हुई है.

इसके अलावे इस प्रखंड के ही दो अन्य गाँवो में खेती करने की तैयारी पूरी कर ली गई है. कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि हमलोग हर सप्ताह खेत जाकर हो रहे खेती को देखते हैं. खेती में कमी दुर करने के लिए किसानों को आवश्यक जानकारी दी जाती है.इस मौके पर सबौर बिहार कृषि विश्वविद्यालय की छात्रा जाया किरण, रचना कुमारी,संदीप कुमार तिवारी समेत कई किसान मौजूद थे
