
,, जीआरपी और आदर्श थाना का देर रात तक दौड़ लगाते रहे पीड़ित
नवगछिया : नवगछिया रेलवे स्टेशन चैक के समीप अज्ञात अपराधियों ने श्रीपुर के वार्ड नंबर दो हरिनगर टोला निवासी माहिल सिंह के मोटरसाइकिल की डिक्की से 32 हजार की नकदी उड़ा लिया है. घटना के बाद माहिल सिंह देर शाम तक नवगछिया राजकीय रेल थाना और नवगछिया आदर्श थाना के बीच दौड़ लगाते रहे लेकिन दोनों में से किसी भी थाने में उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई. मायूस हो कर माहिल सिंह देर शाम अपने घर की ओर रवाना हुए. रेल थाना का कहना है कि मामला लोकल थाने का है तो लोकल पुलिस का कहना है कि मामला रेल थाना क्षेत्र का है. दोनों थाने के चक्कर में फंसे माहिल को पैसे खो देने के गम के साथ साथ कुछ भी न कर पाने का भी गम है. माहिल सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने एसबीआई के दो खातों से 24-24 हजार कुल 48 हजार की निकासी की थी. जिसमें दस और सौ के नोटों का बंडल था. माहिल के साथ उसकी पत्नी सूजन देवी भी थी. बैंक से निकलने के बाद नवगछिया स्टेशन चैक के समीप महिल की पत्नी सूजन देवी ने नश्ता करने के लिए पास के ही एक हाॅटल में चली गयी और प्रकाश टी स्टाॅल के पास चाय पीने के लिए रुका. मोटरसाइकिल दुकान के पास ही खड़ा कर महिल सिंह पेशाब करने के लिए चला गया. पैसाब कर के वापस आने पर माहिल सिंह ने देखा की मोटरसाइकिल की डिक्की टूटी हुई थी. जब डिक्की के अंदर देखा तो 32 हजार रुपये गायब थे. नोटों का बंडल अधिक हो जाने के कारण अपराधी पूरे नोट को नहीं ले जा सके. इसके बाद माहिल सिंह ने मामले की सूचना जीआरपी को दिया तो जीआरपी के थानाध्यक्ष ने उसे लोकल थाना जाने को कहा. जब महिल लोकल थाना गये तो वहां से उसे जीआरपी जाने को कहा. अंततः वे घर की ओर रवाना हो गये. उक्त घटना नवगछिया स्टेशन चैक पर चरचा का विषय बना रहा. इधर नवगछिया राजकीय रेल थाना और नवगछिया माॅडल थाने के पुलिस पदाधिकारियों ने मामले की जानकारी घटना स्थल पर पहुंच कर ली है.
कहते हैं राजकीय रेल थाने के थानेदार
नवगछिया राजकीय रेल थाना के थानेदार अनि भोला महतो ने कहा कि घटना प्रकाश के चाय दुकान के समीप हुई है. घटना स्थल लोकल थाने में आता है. अतः लोकल थाने को प्राथमिकी दर्ज कर लेना चाहिए.
कहते हैं नवगछिया माॅडल थाना के थानेदार
नवगछिया माॅडल थाने के थानेदार इंस्पेक्टर संजय कुमार सुधांशु ने कहा कि घटना रेल क्षेत्र का ही है. दुकानों की बंदोबस्ती जीआरपी के स्तर से ही किया जाता है. रेल थाने को प्राथमिकी अविलंब ले लेना चाहिए था.














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