आइएसआइएस आतंकी भारत के पश्चिम बंगाल स्थित मालदा को बेस बनाकर नापाक गतिविधियों के संचालन में लगे हैं। मालदा में एक तरफ उनका स्लीपर सेल काम कर रहा है तो दूसरी तरफ वे बंगला भाषा में तैयार किए वीडियो के माध्यम से बेरोजगर युवाओं का ब्रेन वॉश कर अपने साथ जोडऩे में लगे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बताया जाता है कि आइएसआइएस बांग्लादेश बेस्ड दो आतंकी संगठनों व नेपाल में मौजूद आइएसआइ एजेंटों की मदद से स्लीपर सेल तैयार करने में जुट गया है। योजना के तहत वह बंगला भाषा में तैयार किए वीडियो के माध्यम से बेरोजगर युवाओं का ब्रेन वॉश कर अपने साथ जोडऩे की जुगत में भी है। लिहाजा आइएसआइ मालदा को ठौर बनाकर बिहार के सीमांचल में भी अपना नेटवर्क मजबूत करने की फिराक में है।
दरअसल, जुलाई 2016 में बांग्लादेश में हुए आतंकी हमलों के बाद खुफिया इनपुट के आधार पर गृह मंत्रालय सीमावर्ती राज्य सरकारों को इस संबंध में आगाह करता रहा है। लेकिन, यूपी चुनाव के दौरान सप्ताह भर पहले लखनऊ में आइएसआइएस आतंकी सैफुल्ला के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना ने खुफिया एजेंसियों के माथे पर बल ला दिया है।
सूत्रों की मानें तो बांग्लादेश में सक्रिय आतंकी संगठन ‘हरकत-ए-उल जिहाद अल इस्लामी’ और ‘जमात-उल-मुजाहिदिन’ मध्य एशिया में आइएसआइएस की कमान संभाल रहे हैं। दोनों आतंकी संगठन नेपाल में मौजूद आइएसआइ एजेंटों व इंडियन मुजाहिदिन के स्लीपर सेल के साथ पश्चिम बंगाल के मालदा से बिहार के सीमांचल में बेस तैयार करने में जुटे हैं। आतंकी घटना के बाद बांग्लादेशी फौज के हाथ लगे बांग्ला भाषा में आइएसआइएस की विडियो क्लिप ने इस आशंका को और पुख्ता किया है।
दरभंगा प्रक्षेत्र के आइजी उमाशंकर सुधांशु हालांकि इलाके में आतंकी संगठनों की सक्रियता की सूचना से इंकार करते हैं। लेकिन, यह भी कहते हैं कि बिहार पुलिस पश्चिम बंगाल व नेपाल सीमा से सटे इलाकों पर एहतियात बरत रही है। सीमांचल के जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की नजर है।

