नारायणपुर : जे पी कालेज नारायणपुर में शुक्रवार को पाटेसियल एंड प्रोस्पेक्टस एलियोपैथ इन मैनैजमेंट आँफ प्लांट डिजिज फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घघाटन तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के डीएसडब्लू योगेंद्र महतों, मुख्य अतिथि वर्द्धमान विश्वविद्यालय के प्रो.अभिजीत बंदोउपाध्याय एवं विशिष्टअतिथि प्रो सुभाष चन्द्र मंडल, कन्वेंन्सर प्रो.एच के चौरसिया, सचिव आर के महतों, संयुक्त आयोजन सचिव प्रो अशोक कुमार मंडल, डा.चंदन दास, विनोद कुमार मंडल, प्राचार्य विभांशु मंडल,पुर्व प्राचार्य नलिन कुमार, पुर्व प्राचार्य जितेंद्र सिंह ने संयुक्त रुप से द्वीप प्रज्वलित कर किया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गांव देश की धड़कन,किसान देश की पहचान : डी एस डब्लू
राष्ट्रीय सेमिनार में बोले बेज्ञानिक बदलते जलवायु का जिम्मेवार है मानव
राष्ट्रीय सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों ने शिरकत की. वैज्ञानिकों का चिंतन जलवायु परिवर्तन से पौधों में हो रही बीमारी पर था. वैज्ञानिकों ने बदलते जलवायु के लिए मानव को जिम्मेवार ठहराया साथ ही कहा कि मानव अपनी सुख सुविधा के लिए प्रकृति के साथ क्रुर मजाक कर रहे हैं. जिसका खामियाजा आए दिन मानव को भुगतना पड़ रहा है. सेमिनार में एक स्मारिका का विमोचन किया गया.

राष्ट्रीय सेमिनार के अध्यक्षता कर रहे डीएसडब्ल्यू योगेंद्र महतों ने कहा कि गांव देश की धड़कन है. किसान देश की पहचान गांव भारत को बदल सकता है. लेकिन सरकार पुंजीपति तक सीमित है. किसान गांव में बसते हैं और किसान उपेक्षित हो रहे हैं. विज्ञान के नाम पर खेल कर प्रकृति के साथ छेड़छाड़ हो रहा है. जो मानव के लिए सुखद संकेत नहीं है. वहीं प्रो अभिजीत उपाध्याय ने कहा कि पौधै में फैली बीमारी से ग्रसित पेड़ के पत्ति के दो कार्य हैं. जो मिट्टी को लाभ के साथ नुकसान भी दे रहे हैं. जो रासायनिक खाद के प्रयोग से हो रहा है.
पौधै को बचाने के लिए लोगों को जैविक खाद बंद करना होगा. अन्यथा बदलते जलवायु परिवर्तन में मिट्टी भी उपजाऊ नहीं रहेगा. वैज्ञानिकों को किसान से वार्ता कर हो रही समस्या के लिए निदान निकालना होगा.वहीं प्राचार्य बिभांशू मंडल ने बताया कि अगला सेमिनार काँलेज में किसान का होगा. सेमिनार का संचालन प्रो कृति गुप्ता ने किया. मौके पर डा.राजवंश यादव, डा.जलेश्वर सिंह, डा.आर के श्री वास्तव, प्रो.पंकज कुमार, डा.शैलैन्द्र कुमार, प्रो ऋतिका गौतम, प्रो अनुप कुमार, अबुल आसीम, धीरेंद्र झा, संजय यादव, प्रशांत शंकर मिश्र, सुबोध यादव, डा.राजीव कुमार, सुनील, अमित, अमोल, स्वराज, उग्रमोहन, कुमुद, सुमन झा सहित अन्य शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद थे.
