भागलपुर: चंपानगर चौक पर हुए उपद्रव के बाद सोमवार को इसी चौक पर दोनों पक्षों के लोग साथ मिल कर बैठक किया और एक दूसरे से गले मिलकर इस गलती को फिर से नहीं दोहराने का संकल्प लिया। नाथनगर इंस्पेक्टर जनीफउद्धीन की पहल पर शांति समिति की बैठक हुई। इसमें दोनो पक्षों के करीब दो सौ से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता एसडीओ सुहर्ष भगत ने किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यहां मौजूद दोनों पक्ष ने स्वीकार किया कि उपद्रव को हवा देने में बाहरी तत्वों को हाथ था। ये लोग हमें आपस में लड़ाने के लिए भड़काने में लगे थे। जिसका परिणाम हुआ कि दोनों पक्ष आमने सामने हो गए। चंपा की संस्कृति का अब हर हाल में ख्याल रखा जाएगा। जिला प्रशासन से आग्रह है कि वो ऐसे तत्वों की पहचान कर उस पर कठोर कार्रवाई करे जिससे आगे इस तरह की हरकत करने से पहले ये लोग लाख बार सोचे। किसी के दिल में कुछ नहीं है। दोनों पक्ष अपनी जिंदगी शांति से गुजरना चाहते है। अल्लाह और भगवान भी अपने बच्चों का शांत देखना चाहता है। दो दिनों से जो तनाव समाज में कायम है इसका खामियाजा सभी को उठाना पड़ रहा है। गंगा यमुनी परम्परा को किसी भी सुरत में दागदार नहीं होने दिया जाएगा।

वहीं , इस दौरान दोनों पक्ष के लोगों ने एक दूसरे को गले से लगाया और एक बार फिर उसी प्रेम के साथ रहने का संकल्प किया जैसा पहले था।
अपने संबोधन में एसडीओ सुहर्ष भगत ने कहा कि नाथनगर को लोग सिल्क और शांति के लिए जानते है। आपस में विभेद हो तो उसे मिल बैठ कर सुलझा ले। समाज में शांति रहेगा तो ही आपके हमारे बच्चे बेहतर कार्य कर सकते है। शिक्षा आज सबसे जरूरी है। आपसी दुश्मनी को दिल से निकाल दे और अपने बच्चों के लिए ही सही प्रेम से एक दूसरे के साथ रहे। इससे ही देश और समाज का भला हो सकता है।
इस मौके पर प्रशिक्षु आईएएस वैभव चौधरी, नाथनगर इंस्पेक्टर मो. जनीफउद्धीन, सीओ सुशील कुमार, जियाउर रहमान, पप्पू यादव, देवाशीष बनर्जी, नेजाहत अंसारी, जुम्मन, अंसारी, डॉ. अनवारूल हक अंसारी, भवेश यादव, राजेश दास, नीलम देवी, विक्रम यादव, पिंटू यादव समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।
