इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने पांच घंटे तक जाम लगाया। इस दौरान छात्रों ने सबौर की तरफ एक साइकिल को भी नहीं जाने दिया। स्कूली बच्चों को इस दौरान काफी परेशानी हुई। कार्यपालक अभियंता के लिखित आश्वासन के बाद छात्र माने और जाम टूटा। तब जाकर यातायात बहाल हो सका।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जर्जर एनएच-80 की मरम्मत को लेकर शनिवार को सुबह नौ बजे सबसे पहले छात्राओं ने हाथों में बैनर लिये इंजीनियरिंग कॉलेज के गेट नंबर एक के बाहर जाम लगा दिया। आधे घंटे बाद कॉलेज के अन्य छात्र भी निकल आये और छात्राओं के समर्थन में आ गए। देखते ही देखते 300 छात्र गेट के पास जमा हो गए। कुछ छात्र झुरखुरिया मोड़ की तरफ चले गए और बांस- बल्ला लगाकर यातायात को अवरुद्ध कर दिया।

इसके बाद कुछ छात्र सबौर की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को जाम कर दिया। फिर थोड़ी देर बाद जीरोमाइल पहुंच गए। काफी संख्या में छात्रों ने जीरोमाइल चौराहे को कब्जे में ले लिया। इसके बाद जीरोमाइल थाने के सामने प्रदर्शन करने लगे। जीरोमाइल चौराहा जाम होते ही चारों ओर वाहनों का रेला खड़ा हो गया।
दो बजे सिटी डीएसपी ने प्रदर्शकारी छात्रों को समझाने का प्रयास किया पर छात्र डीएम से मिलने की मांग पर अड़े रहे। सिटी डीएसपी ने दो बार समझाने का प्रयास किया पर छात्र टस से मस नहीं हुए। मौके पर पहुंचे एनएच के कार्यपालक अभियंता ने भी छात्रों से बातकर एनएच की स्थिति से अवगत कराया पर छात्र नहीं माने। छात्र तत्काल मरम्मत की मांग पर अड़े थे। कार्यपालक अभियंता के लिखित आश्वासन के बाद छात्र माने और पांच घंटे बाद जाम टूटा।
डीएम के नाम दिये पत्र में तत्काल मरम्मत की मांग
जिलाधिकारी के नाम दिये पत्र में छात्रों ने कॉलेज गेट के पास ड्रेनेज सिस्टम सुधारने व तत्काल सड़क मरम्मत की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि जलजमाव व कीचड़ के कारण छात्रों को लगातार परेशानी हो रही है। सड़क निर्माण में लगे संवेदक के अभियंता रोशन रवि ने बताया कि चार दिनों से इंजीनियरिंग कॉलेज व रानीतलाब के पास एनएच को मोटरेबल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जलजमाव व भारी ट्रैफिक के कारण काम करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एनएच के कार्यपालक अभियंता राजकुमार ने बताया कि सात दिनों के अंदर सड़क को मोटरेबल बना दिया जाएगा। आगामी 21 सितंबर तक कालीकरण का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
